PLA की 99वीं वर्षगांठ: चीनी रक्षा मंत्री डोंग जून ने ताइवान पर दिया कड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने 31 जुलाई 2026 को बीजिंग के जन वृहद भवन में चीनी जन मुक्ति सेना (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया। राष्ट्रीय रक्षा मंत्री डोंग जून ने समारोह में भाग लेते हुए एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया, जिसमें ताइवान मुद्दे पर चीन के कड़े रुख को एक बार फिर रेखांकित किया गया।
समारोह का आगाज़
शाम लगभग 5:30 बजे चीनी जन मुक्ति सेना के राष्ट्रगान की धुन के साथ यह स्वागत समारोह विधिवत रूप से आरंभ हुआ। समारोह में सैन्य अधिकारी, राजनयिक और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
डोंग जून के संबोधन के मुख्य बिंदु
रक्षा मंत्री डोंग जून ने अपने भाषण में कहा कि यह वर्ष चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ और लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ का वर्ष है। उन्होंने इसे PLA के शताब्दी लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक निर्णायक वर्ष बताया।
डोंग जून ने कहा कि चीनी जन मुक्ति सेना राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में पार्टी केंद्रीय समिति के साथ और अधिक एकजुट होगी तथा उच्च गुणवत्ता के साथ राष्ट्रीय रक्षा एवं सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाएगी।
ताइवान पर कड़ा रुख
समारोह का सबसे उल्लेखनीय पहलू ताइवान पर दिया गया कड़ा संदेश रहा। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि PLA किसी भी प्रकार की 'ताइवान स्वतंत्रता' अलगाववादी साजिशों और विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को दृढ़ता से विफल करेगी। उन्होंने इसे मातृभूमि के पुनर्मिलन के लिए एक अटल प्रतिबद्धता बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है।
वैश्विक सुरक्षा पर चीन का दृष्टिकोण
डोंग जून ने यह भी कहा कि चीनी सेना न्याय की समान विचारधारा वाली ताकतों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को खतरे में डालने वाले कार्यों का संयुक्त रूप से विरोध करेगी। उन्होंने इसे एक प्रमुख शक्ति की सेना के रूप में चीन की जिम्मेदारी बताया। गौरतलब है कि यह वक्तव्य अमेरिका और उसके सहयोगियों की इंडो-पैसिफिक रणनीति के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।
आगे का परिदृश्य
अगले वर्ष 1 अगस्त 2027 को PLA अपनी शताब्दी मनाएगी — जिसे चीनी नेतृत्व ने सेना के पूर्ण आधुनिकीकरण के लक्ष्य-वर्ष के रूप में निर्धारित किया है। इस पृष्ठभूमि में इस वर्ष का समारोह उस लक्ष्य की ओर अंतिम वर्ष की तैयारी का प्रतीक है। विश्लेषकों के अनुसार, ताइवान और वैश्विक सुरक्षा पर दिए गए बयान चीन की बढ़ती सैन्य महत्वाकांक्षाओं का स्पष्ट संकेत हैं।