शी चिनफिंग का सेना आधुनिकीकरण पर जोर: स्मार्ट तकनीक और पार्टी नेतृत्व को बताया अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के महासचिव शी चिनफिंग ने 30 जुलाई 2026 को बीजिंग में पोलित ब्यूरो के 27वें सामूहिक अध्ययन सत्र की अध्यक्षता करते हुए उच्च गुणवत्ता के साथ प्रतिरक्षा और सेना के आधुनिकीकरण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया। यह सत्र 1 अगस्त को मनाए जाने वाले पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया।
मुख्य घोषणाएँ और निर्देश
शी ने सत्र में स्पष्ट किया कि राजनीतिक नेतृत्व को मज़बूत करना और सृजनात्मक विकास को आगे बढ़ाना सेना आधुनिकीकरण की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि सेना के सौवें स्थापना दिवस के संघर्ष लक्ष्य को समय पर पूरा करना और प्रतिरक्षा आधुनिकीकरण में निर्णायक प्रगति हासिल करना अनिवार्य है, ताकि चीनी आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय पुनरुत्थान को रणनीतिक समर्थन मिल सके।
स्मार्ट सैन्य तकनीक पर बल
शी चिनफिंग ने कहा कि उच्च गुणवत्ता से प्रतिरक्षा और सेना के आधुनिकीकरण की मूल दिशा और परीक्षण का मापदंड लड़ाई शक्ति है। उन्होंने मानव रहित स्मार्ट तकनीक के सैन्य उपयोग और साइबर सूचना व्यवस्था के निर्माण को मज़बूत करते हुए चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट सैन्य व्यवस्था स्थापित करने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर AI-संचालित सैन्य क्षमताओं की होड़ तेज़ हो रही है।
पार्टी का सेना पर निरपेक्ष नेतृत्व
शी ने दोहराया कि सेना पर CPC का निरपेक्ष नेतृत्व बनाए रखना सेना निर्माण का आधार है और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाना इसकी पूर्वशर्त है। उन्होंने एकीकृत राष्ट्रीय रणनीतिक व्यवस्था और क्षमता की उन्नति को भी उच्च गुणवत्ता आधुनिकीकरण का अनिवार्य मार्ग बताया।
सेना स्थापना दिवस पर बधाई
शी चिनफिंग ने CPC केंद्रीय कमेटी और केंद्रीय फौजी आयोग की ओर से PLA के कमांडरों और सैनिकों, सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों, सेना के नागरिक कर्मियों, रिज़र्व सैनिकों और मिलिशिया को 1 अगस्त के त्योहार की शुभकामनाएँ दीं। गौरतलब है कि यह PLA के स्थापना के करीब एक सदी के सफर का प्रतीक है।
व्यापक संदर्भ
यह 27वाँ सामूहिक अध्ययन सत्र ऐसे समय में हुआ जब चीन अपनी सैन्य क्षमताओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर वैश्विक ध्यान के केंद्र में है। विश्लेषकों के अनुसार, शी का स्मार्ट और साइबर सैन्य तकनीक पर जोर यह संकेत देता है कि चीन पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर अगली पीढ़ी की सैन्य शक्ति के निर्माण की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।