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बिहार शराबबंदी के सात साल: सम्राट चौधरी बोले — नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव

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बिहार शराबबंदी के सात साल: सम्राट चौधरी बोले — नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव

सारांश

बिहार में 2016 से लागू शराबबंदी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक बदलाव की मिसाल बताया। PM मोदी के 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान के उद्घाटन पर उन्होंने कहा — स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही 2047 के विकसित भारत की असली ताकत हैं।

मुख्य बातें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 अगस्त 2026 को PM मोदी के 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' अभियान के उद्घाटन में हिस्सा लिया।
बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी के सकारात्मक परिणाम बताए — महिलाओं और परिवारों को सर्वाधिक लाभ।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया।
ब्रह्माकुमारीज संस्था के साथ समन्वय बढ़ाकर अभियान को गाँव, विद्यालय और महाविद्यालयों तक पहुँचाने की योजना।
नशामुक्ति को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से सीधे जोड़ा — युवाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए नशामुक्त युवा पीढ़ी सबसे बुनियादी शर्त है। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने 2016 से लागू बिहार की पूर्ण शराबबंदी को एक सफल सामाजिक हस्तक्षेप बताया।

अभियान का शुभारंभ

बिहार में इस राष्ट्रीय अभियान का विधिवत शुभारंभ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और राज्यपाल ने भी अपने संबोधन दिए। उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई और माई भारत की कैप पहनाकर अभियान से जोड़ा गया।

शराबबंदी के सकारात्मक परिणाम

मुख्यमंत्री ने 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम समाज में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि महिलाओं और परिवारों को इसका सर्वाधिक लाभ मिला है और सामाजिक वातावरण में बदलाव आया है। गौरतलब है कि यह कानून लागू होने के बाद से बिहार में घरेलू हिंसा और शराब से जुड़े अपराधों के आँकड़ों में कमी के दावे सरकार लगातार करती रही है, हालाँकि आलोचक इन दावों की स्वतंत्र सत्यापन की माँग उठाते रहे हैं।

जनभागीदारी पर ज़ोर

चौधरी ने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति केवल कानून बनाने से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता से ही संभव है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार संस्था के साथ समन्वय बढ़ाकर इस अभियान को गाँव, शहर, विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुँचाना चाहती है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को लेकर राज्यों को सक्रिय कर रही है।

युवाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान, शिक्षा और संस्कृति की प्राचीन धरती रही है और राज्य के युवाओं को अपनी प्रतिभा व ऊर्जा के बल पर राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने जोड़ा कि राज्य सरकार आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सुधारों को भी समान प्राथमिकता दे रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, ब्रह्माकुमारीज संस्था के सदस्य, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक, आपदा मित्र और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। आगे इस अभियान को और व्यापक रूप देने की योजना पर काम जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके 'सकारात्मक परिणामों' के दावे अब तक स्वतंत्र सत्यापन की कसौटी पर पूरी तरह नहीं कसे गए हैं — घरेलू हिंसा और जहरीली शराब से होने वाली मौतों के आँकड़े समय-समय पर विरोधाभासी तस्वीर पेश करते हैं। 'नशा मुक्त युवा' अभियान को केंद्र के 2047 लक्ष्य से जोड़ना राजनीतिक रूप से चतुर है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि जागरूकता अभियान ज़मीन पर व्यवहार बदलाव में कितना तब्दील होता है। ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाओं की भागीदारी सामाजिक पहुँच बढ़ाती है, पर सरकारी नीति और नागरिक समाज के बीच की इस साझेदारी की जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में शराबबंदी कब से लागू है और इसके क्या परिणाम रहे हैं?
बिहार में पूर्ण शराबबंदी 2016 से लागू है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं — विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों को लाभ मिला है और सामाजिक वातावरण में बदलाव आया है।
'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' अभियान क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करना है। बिहार में इसका शुभारंभ 2 अगस्त 2026 को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से किया।
बिहार सरकार इस अभियान को किस तरह आगे बढ़ाएगी?
राज्य सरकार ब्रह्माकुमारीज संस्था के साथ समन्वय बढ़ाकर अभियान को गाँव, शहर, विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुँचाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री चौधरी ने जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता को नशामुक्ति की सफलता की कुंजी बताया।
नशामुक्ति अभियान में युवाओं की क्या भूमिका बताई गई?
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त युवा ही राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सकते हैं। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बताई गई।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, ब्रह्माकुमारीज संस्था के सदस्य, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक, आपदा मित्र और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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