कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: विदेश मंत्रालय ने किया शुभारंभ, 20 जत्थों में 1000 तीर्थयात्री जाएंगे

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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: विदेश मंत्रालय ने किया शुभारंभ, 20 जत्थों में 1000 तीर्थयात्री जाएंगे

सारांश

कई वर्षों के व्यवधान के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 फिर से शुरू हो रही है। विदेश मंत्रालय ने 20 जत्थों में 1,000 तीर्थयात्री भेजने की घोषणा की है — लिपुलेख और नाथू ला, दोनों मार्गों से। पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2026 है और चयन कंप्यूटर लॉटरी से होगा।

Key Takeaways

विदेश मंत्रालय ने 30 अप्रैल 2026 को कैलाश मानसरोवर यात्रा (KMY) 2026 का शुभारंभ किया। यात्रा जून से अगस्त 2026 के बीच 20 जत्थों में होगी, जिसमें कुल 1,000 तीर्थयात्री शामिल होंगे। लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) — दोनों मार्गों से 10-10 जत्थे , प्रत्येक में 50 यात्री । ऑनलाइन पंजीकरण kmy.gov.in पर उपलब्ध; पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2026 । यात्री चयन कंप्यूटर जनित रैंडम लॉटरी से होगा, जिसमें लिंग-संतुलन का ध्यान रखा जाएगा। यात्रा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना सरकार के समन्वय से आयोजित की जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने 30 अप्रैल 2026 को कैलाश मानसरोवर यात्रा (KMY) 2026 का औपचारिक शुभारंभ किया। इस वर्ष यात्रा जून से अगस्त 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 20 जत्थों के माध्यम से 1,000 भारतीय तीर्थयात्री कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन कर सकेंगे। यह यात्रा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार के समन्वय से संचालित की जाएगी।

यात्रा के दो मार्ग और जत्थों का विवरण

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष यात्रा के लिए दो पारंपरिक मार्गों का उपयोग किया जाएगा। लिपुलेख दर्रा मार्ग (उत्तराखंड) से 10 जत्थे भेजे जाएंगे, जिनमें प्रत्येक जत्थे में 50 यात्री होंगे। इसी प्रकार, नाथू ला दर्रा मार्ग (सिक्किम) से भी 10 जत्थे रवाना होंगे, जिनमें प्रत्येक में 50 यात्री शामिल होंगे। इस प्रकार दोनों मार्गों से कुल 1,000 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का लाभ उठा सकेंगे।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और पंजीकरण की अंतिम तिथि

इच्छुक भारतीय नागरिक आधिकारिक वेबसाइट kmy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष पत्र, फैक्स या मैनुअल आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे — पूरी प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल और कंप्यूटरीकृत है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2026 निर्धारित की गई है।

आवेदक दोनों मार्गों को चुन सकते हैं और अपनी प्राथमिकता दर्ज कर सकते हैं, अथवा केवल एक मार्ग का चयन भी कर सकते हैं। यात्रियों का चयन कंप्यूटर जनित रैंडम लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें लिंग-संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। वेबसाइट पर पंजीकरण कर लॉगिन करके आवेदन जमा किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त, यात्रा संबंधी सुझाव या फीडबैक देने के लिए एक अलग 'फीडबैक' विकल्प भी उपलब्ध है।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, जैन, बौद्ध और बोन धर्मों के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है, जबकि मानसरोवर झील को पवित्रतम जलाशयों में से एक माना जाता है। यह यात्रा अपनी भौगोलिक कठिनाइयों के कारण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण तीर्थ यात्राओं में गिनी जाती है।

यात्रा का ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी और भारत-चीन सीमा तनाव के कारण यह यात्रा कई वर्षों तक बाधित रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने सभी इच्छुक यात्रियों से अपील की है कि वे 19 मई 2026 से पहले kmy.gov.in पर अपना पंजीकरण अवश्य पूरा कर लें।

Point of View

बल्कि भारत-चीन संबंधों के धीरे-धीरे सामान्य होने का एक कूटनीतिक संकेत भी है। कोविड और सीमा तनाव के वर्षों के बाद यात्रा की बहाली यह दर्शाती है कि दोनों सरकारें जन-संपर्क के माध्यम से संबंध सुधारने की दिशा में कदम उठा रही हैं। हालाँकि, मात्र 1,000 सीटें लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के सामने एक सीमित अवसर ही हैं — सवाल यह है कि क्या आने वाले वर्षों में यह संख्या बढ़ाई जाएगी, या यह राजनयिक सुविधा के अनुसार बदलती रहेगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?
इच्छुक भारतीय नागरिक आधिकारिक वेबसाइट kmy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2026 है और कोई मैनुअल या फैक्स आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 में कितने यात्री जा सकेंगे?
इस वर्ष कुल 1,000 भारतीय तीर्थयात्री 20 जत्थों में यात्रा कर सकेंगे। लिपुलेख और नाथू ला — दोनों मार्गों से 10-10 जत्थे भेजे जाएंगे, जिनमें प्रत्येक जत्थे में 50 यात्री होंगे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 में यात्री चयन कैसे होगा?
यात्रियों का चयन कंप्यूटर जनित रैंडम लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। चयन में लिंग-संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा और आवेदक एक या दोनों मार्गों के लिए प्राथमिकता दर्ज कर सकते हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के कौन-से मार्ग उपलब्ध हैं?
इस वर्ष दो मार्ग उपलब्ध हैं — लिपुलेख दर्रा मार्ग (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा मार्ग (सिक्किम)। दोनों मार्गों से 10-10 जत्थे रवाना होंगे और यात्रा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार के समन्वय से आयोजित होगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा किन धर्मों के लिए पवित्र है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, जैन, बौद्ध और बोन धर्मों के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास और मानसरोवर झील को पवित्रतम जलाशयों में से एक माना जाता है।
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