क्या दिल्ली के रोहिणी में एक करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हुई?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने 383 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद की।
- दो ड्रग पेडलर्स गिरफ्तार।
- जांच में जसवंत सिंह का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया।
- पुलिस ने ड्रग्स की सप्लाई नेटवर्क की पहचान करने की योजना बनाई।
- यह ऑपरेशन नशे से लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन और किडनैपिंग सेल ने ड्रग तस्करी में संलिप्त एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने 383 ग्राम अवैध स्मैक/हेरोइन के साथ दो ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया है। यह ड्रग एक कार में छिपाकर ले जाई जा रही थी और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर, इंस्पेक्टर अमित सोलंकी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम में एसआई अरविंद, एसआई प्रवीण, एएसआई रविंदर कुमार, हेड कांस्टेबल अमित, हेड कांस्टेबल नितिन, हेड कांस्टेबल सम्राट, हेड कांस्टेबल रविंदर और हेड कांस्टेबल रूबी शामिल थे। एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में टीम ने 16 जनवरी 2026 को महाराजा अग्रसेन मार्ग, गांव नाहरपुर, रोहिणी के निकट नाहरपुर बस स्टैंड और एम2के मार्केट जाने वाली सड़क पर निगरानी शुरू की।
गाड़ी में चालक समेत दो लोग थे। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान जसवंत सिंह उर्फ लल्लू (42) और अशोक कुमार (30) के रूप में हुई। दोनों दिल्ली के सुल्तानपुरी क्षेत्र के निवासी हैं। वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके और गोलमोल बातें करने लगे। कार की गहन तलाशी में स्टीयरिंग के नीचे छिपे गैप से 383 ग्राम हेरोइन का पैकेट बरामद हुआ।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि जसवंत सिंह उर्फ लल्लू पहले भी ड्रग सप्लाई से जुड़ा हुआ था और 2021 में सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन से गिरफ्तारी का सामना कर चुका है। जबकि अशोक कुमार का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। जांच जारी है ताकि ड्रग्स की सप्लाई का स्रोत और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। यह सफलता दिल्ली में ड्रग तस्करी पर नियंत्रण की दिशा में पुलिस की मजबूत मुहिम को दर्शाती है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे ताकि शहर को नशे से मुक्त रखा जा सके।