स्वास्तिका मुखर्जी की भावुक यादें: पिता के बिना हर पल अधूरा
सारांश
Key Takeaways
- पिता की यादें: स्वास्तिका के लिए उनके पिता की यादें बेहद महत्वपूर्ण हैं।
- भावनात्मक जुड़ाव: परिवार के प्रति उनका गहरा लगाव दर्शाता है।
- खुलकर हंसने की कमी: आजकल लोग खुलकर हंसने से डरते हैं।
- जीवन में 'काश': नए अनुभवों के प्रति उनकी चाहत और पिता की अनुपस्थिति का कष्ट।
- प्यार का इज़हार: स्वास्तिका अपने पिता के लिए अपने प्यार को व्यक्त करती हैं।
मुंबई, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बंगाली अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी ने अपने अभिनय के माध्यम से अद्वितीय पहचान बनाई है। वह कई मशहूर फिल्मों और टेलीविजन शो का हिस्सा रह चुकी हैं और उनके फैंस उन्हें बेहद पसंद करते हैं। हाल ही में, उन्होंने अपने पिता के प्रति अपनी भावनाएँ साझा करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखी है, जो सोशल मीडिया पर चर्चित हो रही है। स्वास्तिका ने इंस्टाग्राम पर एक दिल को छू लेने वाला नोट साझा किया है।
स्वास्तिका ने लिखा, ''हर क्षण इस दुनिया में अनगिनत घटनाएं घटित होती रहती हैं, यह दुनिया कितने रंग बिखेरती है। अगर आप होते, तो हर रात हम इन पर गहरी चर्चा करते, मुझे यकीन है। आप पहले हंसते और फिर हर नकारात्मकता को दूर कर देते। आपकी वह जोरदार हंसी मुझे हर दिन याद आती है, बाबा। अगर खुलकर हंसने की कोई प्रतियोगिता होती, तो आप और मां हर बार विजेता होते। आजकल लोग खुलकर हंसने से डरते हैं।''
स्वास्तिका ने आगे लिखा, ''जब भी मैं कुछ नया प्रारंभ करती हूं, तो सोचती हूं कि काश आप इसे देख पाते। ये 'काश' के पहाड़ इतने बड़े हो गए हैं कि एक दिन ये कंचनजंघा पर्वत से भी ऊंचे हो जाएंगे। सुबह से ही मन घड़ी की ओर देखता रहता है, जैसे आप अभी भी यहीं हैं।''
उन्होंने कहा, ''आपकी उपस्थिति ही मेरा सहारा है। चाहे जैसी भी परिस्थितियां हों, आपका होना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जैसे बरगद के पेड़ की छाया, जिसमें मुझे आराम और शांति मिलती है। मेरे लिए जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज आप हैं। आपका बड़ा स्टील का गिलास अब मेरा गिलास बन गया है। जब भी मैं उसे हाथ में लेकर पानी पीती हूं, आपकी यादें ताजा हो जाती हैं।''
स्वास्तिका ने लिखा, ''हमारी जो बात हुई थी, उसे मत भूलना। अगली बार आपको ही आना है। देखते-देखते 6 साल गुजर गए, और इसी तरह बाकी समय भी बीत जाएगा। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, बाबा। जब मिलूंगी तो आपको गले लगाकर यह कहूंगी।''
आखिर में उन्होंने कहा, ''मैं आज पहाड़ों में शूटिंग कर रही हूं। चारों ओर बादल छाए हुए हैं। लगता है जैसे आप इनमें मौजूद हैं। क्या आप मुझे बता रहे हैं कि आप यहीं हैं, बाबा?''