तमिलनाडु में पीएम मोदी की त्रिची सभा: सरकार बदलने का एक सशक्त मंच - भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन
सारांश
Key Takeaways
- त्रिची में आयोजित सभा ने राज्य में राजनीतिक सरगर्मियों को बढ़ाया।
- प्रधानमंत्री मोदी के विकास परियोजनाओं का महत्व बताया गया।
- भाजपा की रणनीति आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण है।
त्रिची, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। त्रिची (तिरुचिरापल्ली) के पंचपुर क्षेत्र में बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण जनसभा आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने सभा के उपरांत कहा कि यह सभा राज्य में सरकार बदलने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगी।
नागेंद्रन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह तीसरा दौरा है। हर बार जब वे यहाँ आते हैं, तो वे 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं को 'मामा के तोहफे' के रूप में लाते हैं। इस बार भी कई नए प्रोजेक्ट्स पेश किए गए हैं।"
उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्टालिन हमेशा यह दावा करते हैं कि केंद्र ने राज्य को कुछ नहीं दिया, जबकि वास्तविकता यह है कि केंद्र ने अनेक योजनाएं और फंड प्रदान किए हैं। नागेंद्रन ने यह भी कहा कि त्रिची का यह रॉकफोर्ट (रॉकफोर्ट टेम्पल क्षेत्र) निश्चित रूप से बदलाव लाएगा और राज्य में सरकार के परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस सभा में लाखों एनडीए समर्थक उपस्थित हुए। पेरम्बलूर जिले के भाजपा कार्यकर्ता कार्तिकेयन ने प्रधानमंत्री को एक विशेष उपहार दिया। उन्होंने पीएम मोदी को लकड़ी की बनी भगवान राम की मूर्ति भेंट की। पत्रकारों से बात करते हुए कार्तिकेयन ने बताया, "पहले तमिलनाडु में राम की मूर्ति लगाने का विरोध होता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया है। राम अब हर घर में हैं। इसी याद में मैंने पीएम को यह मूर्ति भेंट की है।"
यह सभा 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए (भाजपा, एआईएडीएमके समेत गठबंधन) की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। एनडीए ने यहाँ पांच लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में डीएमके पर हमला बोला और कहा कि राज्य को 'डबल इंजन' सरकार की आवश्यकता है, जो केंद्र के साथ मिलकर विकास कर सके।