क्या तमिलनाडु में एनडीए के साथ, डीएमके सरकार को विदाई देने का समय आ गया है: पीएम मोदी?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान
- तमिलनाडु में एनडीए की बढ़ती सक्रियता
- डीएमके सरकार को विदाई देने का समय
- मदुरंतकम में रैली की तैयारी
- राजनीतिक गतिविधियों में तेजी
मदुरंतकम, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तमिलनाडु की राजनीति को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि तमिलनाडु अब एनडीए के साथ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, "तमिलनाडु एनडीए के साथ है। मैं आज मदुरंतकम में रैली में एनडीए नेताओं के साथ शामिल होऊंगा। तमिलनाडु ने यह तय कर लिया है कि अब भ्रष्ट डीएमके सरकार को अलविदा कहने का समय आ गया है। एनडीए का शासन रिकॉर्ड और क्षेत्रीय आकांक्षाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता राज्य के लोगों को पसंद आ रही है।"
प्रधानमंत्री के इस संदेश ने शुक्रवार को चेन्नई-तिंडीवनम हाईवे के पास मदुरंतकम में होने वाली एक बड़ी राजनीतिक रैली का माहौल बना दिया है। एनडीए औपचारिक रूप से आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए अपना अभियान शुरू कर रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता नैनार नागेंद्रन ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री दोपहर में एक हाई-प्रोफाइल जनसभा को संबोधित करेंगे, जो तमिलनाडु में एनडीए की चुनावी लड़ाई की शुरुआत होगी। नागेंद्रन ने इस हफ्ते की शुरुआत में पत्रकारों से कहा था कि 23 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मदुरंतकम में एनडीए अभियान की शुरुआत करेंगे। वह उस बैठक में हिस्सा लेंगे जिसका उद्देश्य तमिलनाडु में अभी राज कर रही जनविरोधी डीएमके सरकार को सत्ता से हटाना है।
यह रैली चुनाव से पहले प्रदेश में पहली बड़ी जनसभा है और उम्मीद है कि इसमें पूरे तमिलनाडु से बड़ी संख्या में भीड़ और वॉलंटियर्स आएंगे। इस रैली में प्रमुख एनडीए घटक दलों के नेता शामिल होंगे, जिनमें ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके), भाजपा, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी) और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) शामिल हैं।
उम्मीद है कि मदुरंतकम रैली न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरेगी, बल्कि विधानसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ पूरे तमिलनाडु में लगातार चुनावी अभियान गतिविधियों की शुरुआत का संकेत भी देगी।