ग्रेटर नोएडा में MDMA तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, नाइजीरियाई मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 जुलाई को ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक समेत तीन आरोपियों को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित जनता फ्लैट सर्विस रोड से गिरफ्तार किया। थाना बीटा-2 और एसओजी (ग्रेटर नोएडा) की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसमें 143 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई — जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹14 लाख बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कसाना (निवासी गाज़ियाबाद), अतुल सिंह (निवासी सम्पूर्णम सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा) और नाइजीरियाई नागरिक चिडुबेम स्टेनली के रूप में हुई है। चिडुबेम स्टेनली वर्तमान में दिल्ली के उत्तम नगर में रह रहा था, जबकि उसका स्थायी पता लागोस, नाइजीरिया का है।
बरामदगी में 143 ग्राम एमडीएमए, एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराज़ू, यूपी-14-एचई-2973 नंबर की एक स्कूटी और ₹17,500 नकद शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि नकदी ड्रग्स की बिक्री से अर्जित हो सकती है।
गिरोह का संचालन तंत्र
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित ढंग से सक्रिय था। आरोपी सस्ते दामों पर एमडीएमए खरीदकर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करते थे और फिर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की विभिन्न आवासीय सोसाइटियों में ऊँचे दामों पर बेचते थे।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का मुख्य संचालन चिडुबेम स्टेनली कर रहा था, जिसे गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू का उपयोग मादक पदार्थों की सटीक मात्रा तौलने के लिए किया जाता था।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
जाँच में यह भी सामने आया है कि चिडुबेम स्टेनली वर्ष 2025 में दिल्ली क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में पहले भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब वह उस मामले में जमानत पर बाहर था और कथित तौर पर दोबारा तस्करी नेटवर्क को सक्रिय कर चुका था।
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है, जो इस नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर संकेत करता है।
कानूनी कार्रवाई
थाना बीटा-2 में तीनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/27ए/37 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विदेशी आरोपी पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में वर्ष 2025 का एनडीपीएस मामला भी पहले से लंबित है।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क किन राज्यों और व्यक्तियों तक फैला हुआ है। ड्रग्स की सप्लाई चेन, अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जाँच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े शेष आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।