4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ग्रेटर नोएडा में MDMA तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, नाइजीरियाई मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ग्रेटर नोएडा में MDMA तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, नाइजीरियाई मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

सारांश

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया — नाइजीरियाई मास्टरमाइंड चिडुबेम स्टेनली, जो 2025 में एक बार जेल जा चुका था, जमानत पर बाहर आते ही दोबारा सक्रिय हो गया। 143 ग्राम MDMA और ₹14 लाख का माल बरामद।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बरामदगी में 143 ग्राम एमडीएमए (अनुमानित कीमत ₹14 लाख ), एक इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू, स्कूटी और ₹17,500 नकद शामिल।
मास्टरमाइंड चिडुबेम स्टेनली (नाइजीरिया, स्थायी पता लागोस) वर्ष 2025 में दिल्ली में एनडीपीएस मामले में जेल जा चुका था और जमानत पर बाहर था।
गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में MDMA बेचता था।
तीनों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/27ए/37 और विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज।

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 जुलाई को ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक समेत तीन आरोपियों को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित जनता फ्लैट सर्विस रोड से गिरफ्तार किया। थाना बीटा-2 और एसओजी (ग्रेटर नोएडा) की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसमें 143 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई — जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹14 लाख बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कसाना (निवासी गाज़ियाबाद), अतुल सिंह (निवासी सम्पूर्णम सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा) और नाइजीरियाई नागरिक चिडुबेम स्टेनली के रूप में हुई है। चिडुबेम स्टेनली वर्तमान में दिल्ली के उत्तम नगर में रह रहा था, जबकि उसका स्थायी पता लागोस, नाइजीरिया का है।

बरामदगी में 143 ग्राम एमडीएमए, एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराज़ू, यूपी-14-एचई-2973 नंबर की एक स्कूटी और ₹17,500 नकद शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि नकदी ड्रग्स की बिक्री से अर्जित हो सकती है।

गिरोह का संचालन तंत्र

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित ढंग से सक्रिय था। आरोपी सस्ते दामों पर एमडीएमए खरीदकर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करते थे और फिर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की विभिन्न आवासीय सोसाइटियों में ऊँचे दामों पर बेचते थे।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का मुख्य संचालन चिडुबेम स्टेनली कर रहा था, जिसे गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू का उपयोग मादक पदार्थों की सटीक मात्रा तौलने के लिए किया जाता था।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

जाँच में यह भी सामने आया है कि चिडुबेम स्टेनली वर्ष 2025 में दिल्ली क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में पहले भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब वह उस मामले में जमानत पर बाहर था और कथित तौर पर दोबारा तस्करी नेटवर्क को सक्रिय कर चुका था।

गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है, जो इस नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर संकेत करता है।

कानूनी कार्रवाई

थाना बीटा-2 में तीनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/27ए/37 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विदेशी आरोपी पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में वर्ष 2025 का एनडीपीएस मामला भी पहले से लंबित है।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क किन राज्यों और व्यक्तियों तक फैला हुआ है। ड्रग्स की सप्लाई चेन, अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जाँच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े शेष आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर पहले से एनडीपीएस मामला दर्ज था, दोबारा उसी नेटवर्क को कैसे सक्रिय कर सका? यह घटना विदेशी आरोपियों की जमानत प्रक्रिया और उनकी निगरानी तंत्र की खामियों को उजागर करती है। दिल्ली-एनसीआर में MDMA की बढ़ती उपस्थिति और आवासीय सोसाइटियों को वितरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने का पैटर्न बताता है कि यह अकेला मामला नहीं, बल्कि एक व्यापक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा हो सकता है — जिसकी जड़ें अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में हैं।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स तस्करी के किस मामले में गिरफ्तारी हुई?
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 जुलाई को सेक्टर चाई-4 से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास 143 ग्राम MDMA बरामद हुई। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की आवासीय सोसाइटियों में MDMA की तस्करी करता था।
नाइजीरियाई आरोपी चिडुबेम स्टेनली कौन है?
चिडुबेम स्टेनली नाइजीरिया के लागोस का निवासी है, जो दिल्ली के उत्तम नगर में रह रहा था। पुलिस के अनुसार वह इस ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और वर्ष 2025 में दिल्ली क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले भी गिरफ्तार हो चुका था।
बरामद MDMA की कीमत कितनी बताई गई है?
पुलिस के अनुसार बरामद 143 ग्राम MDMA की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत करीब ₹14 लाख है। इसके साथ ₹17,500 नकद और एक इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू भी ज़ब्त किया गया।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
थाना बीटा-2 में तीनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/27ए/37 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विदेशी आरोपी पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में वर्ष 2025 का एनडीपीएस मामला भी पहले से लंबित है।
क्या इस नेटवर्क की जाँच अभी जारी है?
हाँ, पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। ड्रग्स की सप्लाई चेन, अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की गहन जाँच की जा रही है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले