नोएडा में ड्रग रैकेट का भंडाफोड़: सेक्टर-94 से दो गिरफ्तार, ₹7-8 लाख का विदेशी गांजा बरामद

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नोएडा में ड्रग रैकेट का भंडाफोड़: सेक्टर-94 से दो गिरफ्तार, ₹7-8 लाख का विदेशी गांजा बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने सेक्टर-94 पुश्ता रोड से दो युवकों को गिरफ्तार कर एक संगठित ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया है। ₹7-8 लाख का 500 ग्राम विदेशी गांजा बरामद हुआ। यह गिरोह छात्रों और युवाओं को टारगेट करता था — पैकिंग की सुनियोजित व्यवस्था इसके पेशेवर ढाँचे की गवाही देती है।

मुख्य बातें

3 मई 2026 को नोएडा के सेक्टर-94 पुश्ता रोड से दो आरोपी गिरफ्तार।
आरोपी शिवम कुंवर (26) , कौशांबी, गाजियाबाद और नितिन चौहान (25) , सेक्टर-45, नोएडा की पहचान हुई।
कब्जे से 500 ग्राम ओजी विदेशी गांजा , दो मोबाइल, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, होंडा सिटी कार और पैकिंग सामग्री बरामद।
बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹7 से 8 लाख आंकी गई।
गिरोह मुख्यतः पीजी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के पास रहने वाले छात्रों को टारगेट करता था।
थाना सेक्टर-126 में मामला दर्ज; नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने 3 मई 2026 को अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सेक्टर-94 पुश्ता रोड के पास से पकड़े गए इन दोनों अभियुक्तों के कब्जे से करीब 500 ग्राम ओजी (उच्च गुणवत्ता वाला विदेशी गांजा) बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹7 से 8 लाख आंकी गई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से पीजी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहने वाले छात्रों और युवाओं को नशा सप्लाई करता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने दोनों अभियुक्तों की पहचान शिवम कुंवर (26 वर्ष), निवासी सेक्टर-1, कौशांबी, गाजियाबाद और नितिन चौहान (25 वर्ष), निवासी सदरपुर, सेक्टर-45, नोएडा के रूप में की है। दोनों को बीट पुलिसिंग और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर दबोचा गया।

बरामद सामग्री का विवरण

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री जब्त की — करीब 500 ग्राम ओजी विदेशी गांजा, दो मोबाइल फोन, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक होंडा सिटी कार, पैकिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले 20 पॉलिथीन और 16 लिफाफे। जांच अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और पैकिंग सामग्री इस बात की पुष्टि करती है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।

गिरोह का संगठित तरीका

जांच में सामने आया है कि यह रैकेट अत्यंत व्यवस्थित ढंग से संचालित होता था। आरोपी पहले नशीले पदार्थ को इलेक्ट्रॉनिक कांटे से छोटे-छोटे हिस्सों में तौलते थे, फिर उन्हें पारदर्शी पाउच और लिफाफों में पैक करते थे ताकि आसानी से छिपाया जा सके। इसके बाद ये पैकेट मुख्य रूप से पीजी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहने वाले छात्रों व युवाओं तक पहुँचाए जाते थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में युवाओं के बीच नशे की लत की समस्या को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

थाना सेक्टर-126 में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में इस तरह के संगठित ड्रग नेटवर्क की यह हालिया गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस की बीट-आधारित खुफिया प्रणाली की सफलता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित सामाजिक खतरा है। इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पारदर्शी पाउच और वाहन की मौजूदगी बताती है कि यह कोई अनायास अपराध नहीं था। सवाल यह है कि इतने संगठित नेटवर्क तक सप्लाई चेन कहाँ से आ रही थी और क्या पुलिस सिर्फ आखिरी कड़ी पकड़ने पर रुकेगी या ऊपर तक जाएगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा ड्रग रैकेट में क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 500 ग्राम ओजी विदेशी गांजा, दो मोबाइल फोन, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक होंडा सिटी कार और पैकिंग सामग्री बरामद की। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹7 से 8 लाख आंकी गई है।
नोएडा ड्रग केस में कौन गिरफ्तार हुए?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम कुंवर (26 वर्ष), निवासी सेक्टर-1, कौशांबी, गाजियाबाद और नितिन चौहान (25 वर्ष), निवासी सदरपुर, सेक्टर-45, नोएडा के रूप में हुई है। दोनों को 3 मई 2026 को सेक्टर-94 पुश्ता रोड के पास से गिरफ्तार किया गया।
यह ड्रग गिरोह किसे टारगेट करता था?
पुलिस जांच के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से पीजी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहने वाले छात्रों और युवाओं को नशा सप्लाई करता था। नशे को छोटे पाउच में पैक कर आसानी से छिपाने योग्य बनाया जाता था।
नोएडा ड्रग रैकेट में पुलिस ने आगे क्या कार्रवाई की है?
थाना सेक्टर-126 में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में जांच जारी है।
ओजी गांजा क्या होता है और यह इतना महंगा क्यों है?
ओजी (OG) एक उच्च गुणवत्ता वाला विदेशी गांजा है जिसे आमतौर पर बाहर से तस्करी कर लाया जाता है। इसकी उच्च शक्ति और दुर्लभता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इसकी कीमत सामान्य गांजे से कई गुना अधिक होती है, जैसा कि इस मामले में 500 ग्राम की कीमत ₹7-8 लाख आंकी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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