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पूर्वी दिल्ली पुलिस ने एमडीएमए तस्करी नेटवर्क तोड़ा, अक्षरधाम के पास तीन गिरफ्तार

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पूर्वी दिल्ली पुलिस ने एमडीएमए तस्करी नेटवर्क तोड़ा, अक्षरधाम के पास तीन गिरफ्तार

सारांश

पूर्वी दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने 26 मई 2026 को अक्षरधाम सेतु फ्लाईओवर के पास एक कार से 6.2 ग्राम एमडीएमए बरामद कर तीन तस्करों को दबोचा। पुलिस अब अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला और बड़े नेटवर्क की जाँच में जुटी है।

मुख्य बातें

पूर्वी जिला पुलिस ने 26 मई 2026 को अक्षरधाम सेतु फ्लाईओवर के पास 6.2 ग्राम एमडीएमए बरामद किया।
गिरफ्तार आरोपी: प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी (37) , अभिषेक (28) , और लक्ष्य (23) — सभी दिल्ली निवासी।
पीएस मंडावली में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 136/2026 दर्ज।
अभियान डीसीपी राजीव कुमार, आईपीएस के निर्देशन और इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में चलाया गया।
पुलिस आरोपियों के अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जाँच कर रही है।

पूर्वी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने 26 मई 2026 को अक्षरधाम सेतु फ्लाईओवर के निकट एक संदिग्ध वाहन की तलाशी में 6.2 ग्राम एमडीएमए बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए लक्षित अभियान का हिस्सा थी, जो नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को जड़ से उखाड़ने के उद्देश्य से की गई।

मुख्य घटनाक्रम

26 मई 2026 को शाम लगभग 7:30 बजे स्पेशल स्टाफ की टीम अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से नोएडा की ओर जाने वाले मार्ग पर नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान एक मारुति सुजुकी डिज़ायर कार को संदेह के आधार पर रोका गया। वाहन के डैशबोर्ड की तलाशी में 6.2 ग्राम एमडीएमए मिला और कार में सवार तीनों युवकों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी (37), निवासी आर्य नगर, कड़कड़डूमा; अभिषेक (28), निवासी आर्य नगर, कड़कड़डूमा; और लक्ष्य (23), निवासी गणेश नगर कॉम्प्लेक्स, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि एमडीएमए को आगे सप्लाई और वितरण के लिए रखा गया था।

कानूनी कार्रवाई

तीनों के विरुद्ध पीएस मंडावली में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 22, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 136/2026 दर्ज की गई है। अपराध में प्रयुक्त मारुति सुजुकी डिज़ायर कार को भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार, आईपीएस ने बताया कि स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार खुफिया सूचनाओं के आधार पर इस नेटवर्क पर नज़र रखे हुए थी। यह अभियान एसीपी पवन कुमार के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति दोहराते हुए स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगे की जाँच

पुलिस अब एमडीएमए के स्रोत, सप्लाई चेन और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। यह भी जाँचा जा रहा है कि क्या आरोपी किसी अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से संबद्ध हैं। पूर्वी जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि नशामुक्त दिल्ली के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एमडीएमए जैसे सिंथेटिक ड्रग्स का दिल्ली के शहरी इलाकों में बढ़ता प्रचलन एक गंभीर संकेत है। असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस तीन वाहक-स्तर के गिरफ्तारियों से आगे बढ़कर आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे तक पहुँच पाती है — क्योंकि अक्सर ऐसे अभियान निचले स्तर पर ही रुक जाते हैं। अंतरराज्यीय कनेक्शन की जाँच का उल्लेख सही दिशा है, लेकिन इसके परिणाम सामने आने पर ही इस कार्रवाई की वास्तविक सफलता आँकी जा सकेगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वी दिल्ली पुलिस ने एमडीएमए के साथ किसे और कहाँ गिरफ्तार किया?
26 मई 2026 को अक्षरधाम सेतु फ्लाईओवर के पास एक मारुति सुजुकी डिज़ायर कार से 6.2 ग्राम एमडीएमए बरामद कर प्रवीण कुमार उर्फ जॉनी (37), अभिषेक (28) और लक्ष्य (23) को गिरफ्तार किया गया। तीनों दिल्ली के कड़कड़डूमा और गणेश नगर क्षेत्र के निवासी हैं।
गिरफ्तार तस्करों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
तीनों आरोपियों के विरुद्ध पीएस मंडावली में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 136/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है।
एमडीएमए क्या है और यह क्यों प्रतिबंधित है?
एमडीएमए (3,4-मेथिलेनेडाइऑक्सीमेथामफेटामिन) एक सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है, जिसे भारत में एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। इसकी तस्करी और वितरण गंभीर दंडनीय अपराध है।
क्या आरोपियों का किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से संबंध है?
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने एमडीएमए को आगे सप्लाई करने के इरादे की बात स्वीकार की है। जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ये किसी अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े हैं।
पूर्वी दिल्ली पुलिस के इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?
यह अभियान डीसीपी राजीव कुमार, आईपीएस के निर्देशन में, एसीपी पवन कुमार के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ टीम ने चलाया।
राष्ट्र प्रेस
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