दिल्ली पुलिस ने तोड़ा ओडिशा-आंध्र-दिल्ली गांजा नेटवर्क, 26.35 किलो बरामद, 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 14 जुलाई 2026 को एक अंतर-राज्यीय गांजा तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 26.35 किलोग्राम गांजा जब्त किया। जांच के अनुसार, यह नेटवर्क ओडिशा और आंध्र प्रदेश से माल लाकर दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न तस्करों तक पहुँचाता था। पुलिस ने इस अभियान को 'स्ट्रीट-टू-सोर्स' ऑपरेशन का नाम दिया है।
ऑपरेशन की शुरुआत: पोचनपुर में जाल
क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-II यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि पालम के राज नगर निवासी राहुल कुमार उर्फ टुटान द्वारका के पोचनपुर इलाके में गांजे की एक बड़ी खेप पहुँचाने वाला है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 4 जून की रात सेक्टर-23, पोचनपुर में घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही संदिग्ध वाहन के चालक ने भागने का प्रयास किया और एक सरकारी वाहन को टक्कर मार दी। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस ने राहुल कुमार को दबोच लिया। कार की तलाशी में एक सफेद बोरी से 25 पैकेट बरामद हुए, जिनमें कुल 26.35 किलोग्राम गांजा पाया गया।
मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर बरामद पदार्थ की पुष्टि कराई गई। इसके बाद क्राइम ब्रांच थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/20/29 के तहत मामला दर्ज किया गया। तस्करी में इस्तेमाल की गई एसएक्स-4 कार भी जब्त कर ली गई।
पूछताछ से खुला सप्लाई चेन का राज़
पूछताछ में राहुल कुमार ने खुलासा किया कि वह आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी पमुलापति श्रीनिवास उर्फ अन्ना से गांजा प्राप्त कर दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति करता था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तत्काल उत्तम नगर इलाके से श्रीनिवास को गिरफ्तार कर लिया।
आगे की पूछताछ में श्रीनिवास ने बताया कि गांजे की खेप ओडिशा के गजपति जिले से आती थी। इसके बाद तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ओडिशा पहुँची और गजपति जिले से मुख्य सप्लायर प्रतिनिधि कराड को गिरफ्तार किया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राहुल कुमार और पमुलापति श्रीनिवास दोनों पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुके हैं। राहुल के खिलाफ आबकारी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट के तहत एकाधिक मामले दर्ज हैं, जबकि श्रीनिवास पर चोरी और एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे पहले से पंजीकृत हैं।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों, वित्तीय लेन-देन, पिछले एवं संभावित भविष्य के सप्लाई रूट तथा खरीदारों की पहचान की जा रही है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई दिल्ली में अंतर-राज्यीय नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।