गिरिडीह: सदर अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक डॉ. बीएन झा का शव कुएं से बरामद, पुलिस जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह में 13 जुलाई 2026 की सुबह एक संदिग्ध मामला सामने आया, जब सदर अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक डॉ. बीएन झा का शव पाचम्बा थाना के लखारी क्षेत्र स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। स्थानीय निवासियों ने कुएं में शव उतराते हुए देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा।
घटनाक्रम
स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने शव को कुएं से निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। सूचना फैलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। डॉ. झा गिरिडीह के चिकित्सा जगत में एक जाना-माना नाम थे, और उनके निधन की खबर से चिकित्सकों व स्थानीय निवासियों में शोक की लहर दौड़ गई।
मौत के कारणों पर अनिश्चितता
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डॉ. झा की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और आसपास के निवासियों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
जिला सीएस की प्रतिक्रिया
गिरिडीह के जिला सीएस बच्चा प्रसाद ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. बीएन झा की मौत चिकित्सा जगत के लिए अत्यंत दुखद है और पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
बच्चा प्रसाद ने यह भी बताया कि डॉ. झा एक बेहद संयमित और सुलझे हुए व्यक्तित्व के स्वामी थे, किंतु बीते कुछ वर्षों से वह मानसिक रूप से परेशान और कुछ अस्वस्थ भी रह रहे थे। उनके अनुसार, प्रथम दृष्टया यह हत्या नहीं, बल्कि दुर्घटना प्रतीत होती है — संभवतः कुएं के आसपास घूमने के दौरान वह उसमें गिर गए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा।
आगे क्या होगा
पुलिस फिलहाल फोरेंसिक साक्ष्यों और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि मामला दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से जुड़ा है। गिरिडीह पुलिस ने पुष्टि की है कि जांच के सभी पहलुओं को खुला रखा गया है।