घोंडा में ₹4.36 करोड़ से 34 नई गलियों का उद्घाटन, लवली बोले — दिल्ली विकास में कोई समझौता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा के विधायक अरविंदर सिंह लवली और घोंडा विधानसभा के विधायक अजय महावर ने 13 जुलाई 2026 को घोंडा विधानसभा क्षेत्र में ₹4.36 करोड़ की लागत से निर्मित 34 नई गलियों का उद्घाटन किया। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की सड़कों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना है।
मुख्य घटनाक्रम
यमुना पार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर काम कर रहे हैं और दिल्ली में जारी विकास कार्यों को गति देने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लवली ने बताया कि यमुना पार क्षेत्र में भी कई विकास परियोजनाएँ सक्रिय रूप से चल रही हैं और उनकी प्राथमिकता इन कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करना है।
परियोजना का विवरण
विधायक अजय महावर ने बताया कि ₹4.29 करोड़ के फंड से 34 गलियों के निर्माण के साथ-साथ दो पार्कों का जीर्णोद्धार और विकास कार्य भी किए जा रहे हैं। यह राशि यमुना पार विकास बोर्ड के माध्यम से आवंटित की गई है।
महावर ने कहा कि वे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर घोंडा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं और लक्ष्य है कि घोंडा एक पूर्ण विकसित क्षेत्र बने।
विधायकों की प्रतिक्रिया
लवली ने अजय महावर की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे सर्वश्रेष्ठ विधायकों में से एक हैं, जो न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र बल्कि पूरी दिल्ली के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में घोंडा क्षेत्र में और भी विकास कार्य शुरू होंगे, जिनकी रूपरेखा पहले से तैयार है।
महावर ने लवली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड की ओर से मिले फंड ने क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के विकास को नई गति दी है।
आम जनता पर असर
इन 34 नई गलियों के निर्माण से घोंडा विधानसभा क्षेत्र के हज़ारों निवासियों को बेहतर सड़क संपर्क और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही दो पार्कों के जीर्णोद्धार से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होगा।
क्या होगा आगे
अरविंदर सिंह लवली के अनुसार, घोंडा क्षेत्र में विकास की विस्तृत रूपरेखा पहले से तैयार है और इसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। यमुना पार क्षेत्र में भी विकास परियोजनाओं को और तेज़ करने की योजना है।