23 जुलाई 2026
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करावल नगर को ₹150 करोड़ की विकास सौगात, CM रेखा गुप्ता ने किया शिलान्यास; कपिल मिश्रा बोले — पुराने रुके काम अब पटरी पर

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करावल नगर को ₹150 करोड़ की विकास सौगात, CM रेखा गुप्ता ने किया शिलान्यास; कपिल मिश्रा बोले — पुराने रुके काम अब पटरी पर

सारांश

करावल नगर को एक ही दिन में ₹150 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात — सीवर नेटवर्क से यमुना सफाई तक, गलियों के पुनर्निर्माण से 'ओ-जोन' विवाद तक। मंत्री कपिल मिश्रा का दावा है कि पूर्ववर्ती सरकार के रुके कामों को अब तेजी से पूरा किया जा रहा है।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 7 जून 2026 को करावल नगर में ₹150 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
फंडिंग मुख्यमंत्री विकास निधि , अनधिकृत कॉलोनी विकास निधि , विधायक निधि और दिल्ली जल बोर्ड से जुटाई गई।
यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए श्रीराम कॉलोनी , सोनिया विहार और सभापुर में सीवर लाइन बिछाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने 'ओ-जोन' विवाद पर स्पष्ट किया — किसी भी बने हुए मकान को नहीं तोड़ा जाएगा।
डबल पुश्ता सड़क परियोजना का प्रारूप तैयार, लेकिन NGT और यमुना स्टैंडिंग कमेटी की अनुमति का इंतजार।
सीवर कार्य के बाद प्रभावित सभी गलियों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 7 जून 2026 को करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में ₹150 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मंत्री प्रवेश वर्मा, मंत्री कपिल मिश्रा, सांसद मनोज तिवारी और विधायक अजय महावर की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी के किसी भी क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से पीछे नहीं छोड़ना है।

विकास कार्यों का विवरण

मंत्री कपिल मिश्रा ने कार्यक्रम के बाद मीडिया को बताया कि ₹150 करोड़ की यह राशि कई स्रोतों से एकत्र की गई है — मुख्यमंत्री विकास निधि, अनधिकृत कॉलोनी विकास निधि, विधायक निधि और दिल्ली जल बोर्ड के फंड से। इन परियोजनाओं में सीवर लाइन बिछाना, अनधिकृत कॉलोनियों में गलियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत और सीसीटीवी कैमरे स्थापित करना शामिल है।

यमुना सफाई से जुड़ा सीवर नेटवर्क

मिश्रा ने बताया कि पूरी दिल्ली में उन क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क बिछाया जा रहा है जहाँ अब तक लाइन नहीं पहुँची थी। सीवर का पानी शोधन संयंत्रों (STP) तक पहुँचाकर साफ करने के बाद ही यमुना नदी में छोड़ा जाएगा। श्रीराम कॉलोनी और सोनिया विहार में काम पहले से जारी है, जबकि सभापुर में भी शीघ्र कार्य शुरू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीवर कार्य पूरे होने के बाद सभी प्रभावित गलियों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

'ओ-जोन' विवाद और घरों की सुरक्षा

कार्यक्रम में करावल नगर के 'ओ-जोन' से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट घोषणा की है कि किसी भी व्यक्ति के घर की एक भी ईंट नहीं हटाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला 2014 से जुड़ा है और पूर्ववर्ती सरकार ने अदालत में ऐसा रुख अपनाया था जो जनता के हितों के विपरीत था। वर्तमान सरकार उन पुराने रुखों की समीक्षा कर रही है।

डबल पुश्ता सड़क परियोजना

मुख्यमंत्री ने डबल पुश्ता सड़क परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। मिश्रा ने बताया कि इस परियोजना का प्रारूप तैयार है और प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालाँकि, यह मामला यमुना स्टैंडिंग कमेटी और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) से भी जुड़ा होने के कारण आवश्यक अनुमतियों में समय लग सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह परियोजना और तेज गति से आगे बढ़ेगी।

ठेकेदारों की जवाबदेही

सीवर खुदाई के बाद सड़कों की खराब स्थिति पर उठे सवालों के जवाब में मिश्रा ने कहा कि ठेकेदारों की जिम्मेदारी है कि वे खुदाई के बाद मरम्मत कार्य भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें। कई स्थानों का निरीक्षण किया गया है और जहाँ कमियाँ पाई गई हैं, वहाँ मेनहोल चैंबर और ढक्कनों को बदला जा रहा है। करावल नगर में यह विकास कार्यक्रम दिल्ली सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत पूर्व सरकार में रुकी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह राशि कई अलग-अलग निधियों को एक साथ जोड़कर बनाई गई है — जो एकल बड़े बजट आवंटन से भिन्न है। करावल नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में सीवर नेटवर्क की देरी दशकों पुरानी नीतिगत विफलता को दर्शाती है, जिसे किसी एक सरकार के खाते में नहीं डाला जा सकता। 'ओ-जोन' और डबल पुश्ता परियोजना पर NGT की अनुमति की अनिश्चितता बताती है कि घोषणाएँ और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। असली कसौटी यह होगी कि सीवर खुदाई के बाद गलियों की मरम्मत कब और किस गुणवत्ता से होती है — जो अतीत में अक्सर अधूरी रह जाती थी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करावल नगर में ₹150 करोड़ के विकास कार्यों में क्या-क्या शामिल है?
इन कार्यों में सीवर लाइन बिछाना, अनधिकृत कॉलोनियों में गलियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत और सीसीटीवी कैमरे स्थापित करना शामिल है। यह राशि मुख्यमंत्री विकास निधि, अनधिकृत कॉलोनी विकास निधि, विधायक निधि और दिल्ली जल बोर्ड के फंड से जुटाई गई है।
करावल नगर में सीवर नेटवर्क का यमुना सफाई से क्या संबंध है?
सीवर का पानी शोधन संयंत्रों (STP) तक पहुँचाकर साफ करने के बाद ही यमुना में छोड़ा जाएगा, जिससे नदी में प्रदूषण कम होगा। श्रीराम कॉलोनी, सोनिया विहार और सभापुर में यह काम चल रहा है या शुरू होने वाला है।
करावल नगर 'ओ-जोन' विवाद क्या है और सरकार का क्या रुख है?
यह मामला 2014 से जुड़ा है, जिसमें कुछ आवासीय क्षेत्र 'ओ-जोन' में आते हैं और उन पर कार्रवाई की आशंका थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बने हुए मकान की एक भी ईंट नहीं हटाई जाएगी और सरकार जनहित में पुराने रुखों की समीक्षा कर रही है।
डबल पुश्ता सड़क परियोजना कब तक पूरी होगी?
परियोजना का प्रारूप तैयार है और प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन यमुना स्टैंडिंग कमेटी और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) से अनुमतियाँ मिलने में समय लग सकता है। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस परियोजना को गति मिलेगी।
सीवर खुदाई के बाद सड़कों और गलियों की मरम्मत कौन करेगा?
ठेकेदारों की जिम्मेदारी है कि वे खुदाई के बाद गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करें। मंत्री मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण में जहाँ कमियाँ मिली हैं, वहाँ मेनहोल चैंबर और ढक्कन बदले जा रहे हैं, और सीवर कार्य पूरा होने के बाद सभी गलियों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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