31 जुलाई 2026
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वाराणसी में NCB-UP STF की संयुक्त छापेमारी: 124 किलो गांजा जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार

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वाराणसी में NCB-UP STF की संयुक्त छापेमारी: 124 किलो गांजा जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार

सारांश

वाराणसी के एक कूरियर गोदाम में सिल्क साड़ियों के नकली लेबल के पीछे छिपाया गया 124 किलो गांजा — NCB और UP STF की संयुक्त छापेमारी ने असम से मऊ तक फैले तस्करी नेटवर्क की परत उधेड़ी। एक गिरफ्तारी हो चुकी है, जांच जारी है।

मुख्य बातें

NCB गोरखपुर और UP STF ने 14 जून 2026 को वाराणसी के जगतपुर स्थित कूरियर गोदाम पर छापा मारा।
छापेमारी में 124 किलोग्राम गांजा बरामद और एक तस्कर गिरफ्तार ।
तस्करों ने खेप छिपाने के लिए सिल्क साड़ियों के नकली लेबल और फर्जी रसीदें इस्तेमाल कीं।
गांजा असम से लाकर मऊ जिले के रानीपुर पहुँचाया जाना था।
आरोपी पर NDPS अधिनियम, 1985 की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज।
इससे पहले NCB गोरखपुर ने देवरिया में 406 किलो गांजा बरामद कर 4 तस्करों को गिरफ्तार किया था।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) गोरखपुर और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने 14 जून 2026 को वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र स्थित जगतपुर में एक कूरियर कंपनी के गोदाम पर संयुक्त छापेमारी कर 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में तस्करों द्वारा अपनाई गई परिष्कृत छद्म-रणनीति का भी पर्दाफाश हुआ।

कैसे हुई कार्रवाई

14 जून 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर NCB और UP STF की संयुक्त टीम ने वाराणसी के जगतपुर स्थित एक कूरियर गोदाम पर दबिश दी। तलाशी के दौरान 124 किलो गांजा बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि तस्करों ने इस अवैध खेप को छिपाने के लिए उस पर सिल्क साड़ियों के नकली लेबल लगाए थे और फर्जी नाम-पते वाली रसीदें तैयार की थीं — ताकि जाँच एजेंसियों की नज़र से बचा जा सके।

तस्करी का रूट और नेटवर्क

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गांजा असम से लाया गया था और इसे उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर क्षेत्र में पहुँचाया जाना था। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अंतर-राज्यीय नशा तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला के अन्य सिरों को उजागर करने के लिए गहन पूछताछ जारी है।

NCB की हालिया कार्रवाइयाँ

गौरतलब है कि यह पहली बड़ी बरामदगी नहीं है। इससे पहले NCB गोरखपुर ने देवरिया में की गई कार्रवाई में 406 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। यह क्षेत्र में एजेंसी की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।

आम जनता से अपील

NCB ने नागरिकों से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर देने की अपील की है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब वाराणसी में 124 किलो — दबाव तो बना रही हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष पर बैठे सरगनाओं तक जांच कब पहुँचती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में NCB-UP STF की कार्रवाई में क्या हुआ?
14 जून 2026 को NCB गोरखपुर और UP STF की संयुक्त टीम ने वाराणसी के जगतपुर स्थित एक कूरियर गोदाम पर छापा मारकर 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया। तस्करों ने खेप छिपाने के लिए सिल्क साड़ियों के नकली लेबल और फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया था।
बरामद गांजा कहाँ से लाया गया था और कहाँ भेजा जाना था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गांजा असम से लाया गया था और उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर क्षेत्र में पहुँचाया जाना था। जांच एजेंसियाँ आपूर्ति श्रृंखला के अन्य सिरों की पहचान में जुटी हैं।
गिरफ्तार तस्कर पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
NCB गोरखपुर ने हाल में और कहाँ कार्रवाई की है?
वाराणसी से पहले NCB गोरखपुर ने देवरिया में भी बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें 406 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। यह बताता है कि एजेंसी पूर्वी उत्तर प्रदेश में तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार सक्रिय है।
नशा तस्करी की सूचना कहाँ दें?
NCB ने मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन का टोल-फ्री नंबर 1933 जारी किया है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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