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नांदेड़ में 1127 किलो गांजा तस्करी: विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा

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नांदेड़ में 1127 किलो गांजा तस्करी: विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा

सारांश

नांदेड़ की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 1127 किलो गांजे की तस्करी में पकड़े गए ट्रक चालक और सह-चालक को 10-10 साल की सजा सुनाई। NCB की 2021 की कार्रवाई से शुरू हुआ यह मामला अब अदालती फैसले तक पहुँचा — और ड्रग तस्करी के खिलाफ कानूनी सख्ती का स्पष्ट संदेश देता है।

मुख्य बातें

बिलोली स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने गोकुल नारायण राजपूत और सुनील यादव महाजन को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
दोनों दोषियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया; न भरने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास।
15 नवंबर 2021 को NCB की मुंबई जोनल यूनिट ने नांदेड़ के मंजराम गांव के पास ट्रक से 1127 किलोग्राम गांजा जब्त किया था।
ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर MH-26-AD-2165 ) और अन्य जब्त वस्तुओं को भी अदालत ने ज़ब्त करने का आदेश दिया।
NCB ने नागरिकों से ड्रग तस्करी की सूचना हेल्पलाइन नंबर 1933 पर देने की अपील की है।

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 1127 किलोग्राम गांजा की तस्करी के मामले में बिलोली स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

मुख्य घटनाक्रम

15 नवंबर 2021 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट के अधिकारियों ने नांदेड़ जिले के नायगांव तालुका में मंजराम गांव के पास रजिस्ट्रेशन नंबर MH-26-AD-2165 वाले एक ट्रक को रोका था। तलाशी के दौरान ट्रक से 49 बोरियाँ बरामद हुईं, जिनमें कुल 1127 किलोग्राम गांजा पाया गया। इस मामले में ट्रक चालक गोकुल नारायण राजपूत और सह-चालक सुनील यादव महाजन को उसी समय गिरफ्तार किया गया था।

अदालत का फैसला

अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह साबित किया कि दोनों आरोपी व्यावसायिक मात्रा में गांजे के जानबूझकर कब्जे में थे और अपने कब्जे के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे। रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और ₹1-1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोनों को 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

गौरतलब है कि अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त ट्रक और अन्य संबंधित वस्तुओं को भी ज़ब्त करने का आदेश दिया है।

NCB की प्रतिक्रिया

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी जाँच और अभियोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। एजेंसी ने कहा कि वह ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है और 'नशा मुक्त भारत' के लक्ष्य में योगदान देने के लिए संकल्पबद्ध है।

आम जनता पर असर और अपील

NCB ने नागरिकों से मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण से जुड़ी किसी भी जानकारी को MANAS नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर साझा करने की अपील की है। एजेंसी के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

क्या होगा आगे

यह मामला महाराष्ट्र में ड्रग तस्करी के विरुद्ध न्यायिक सख्ती का एक उदाहरण है। यह ऐसे समय में आया है जब NCB देशभर में तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की मुहिम तेज कर रही है। दोनों दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प उपलब्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ट्रक चालक और सह-चालक की गिरफ्तारी के बाद तस्करी नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला — यानी माल का मूल स्रोत और अंतिम खरीदार — का क्या हुआ। बड़े मामलों में अक्सर निचले स्तर के वाहक ही सजा पाते हैं जबकि नेटवर्क के सूत्रधार अदृश्य रहते हैं। 'नशा मुक्त भारत' का लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब अभियोजन तंत्र आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष तक पहुँचे, न कि केवल वाहकों तक सीमित रहे।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नांदेड़ गांजा तस्करी मामले में किसे सजा मिली?
ट्रक चालक गोकुल नारायण राजपूत और सह-चालक सुनील यादव महाजन को बिलोली स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों को ₹1-1 लाख का जुर्माना भी भरना होगा।
यह गांजा कहाँ और कब जब्त किया गया था?
15 नवंबर 2021 को NCB की मुंबई जोनल यूनिट ने नांदेड़ जिले के नायगांव तालुका में मंजराम गांव के पास एक ट्रक से 49 बोरियों में 1127 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर MH-26-AD-2165 था।
विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने जुर्माना न भरने पर क्या प्रावधान रखा?
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों दोषी ₹1-1 लाख का जुर्माना नहीं भरते, तो उन्हें 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा जब्त ट्रक और संबंधित वस्तुएँ भी ज़ब्त करने का आदेश दिया गया है।
इस मामले में NCB की क्या भूमिका थी?
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने 2021 में यह कार्रवाई की थी और पूरे मामले की जाँच की। NCB ने इस फैसले को ड्रग तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियोजन की मिसाल बताया है।
ड्रग तस्करी की जानकारी कहाँ दें?
NCB ने नागरिकों से MANAS नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण से जुड़ी सूचना देने की अपील की है। एजेंसी के अनुसार सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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