नांदेड़ में 1127 किलो गांजा तस्करी: विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 1127 किलोग्राम गांजा की तस्करी के मामले में बिलोली स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
मुख्य घटनाक्रम
15 नवंबर 2021 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट के अधिकारियों ने नांदेड़ जिले के नायगांव तालुका में मंजराम गांव के पास रजिस्ट्रेशन नंबर MH-26-AD-2165 वाले एक ट्रक को रोका था। तलाशी के दौरान ट्रक से 49 बोरियाँ बरामद हुईं, जिनमें कुल 1127 किलोग्राम गांजा पाया गया। इस मामले में ट्रक चालक गोकुल नारायण राजपूत और सह-चालक सुनील यादव महाजन को उसी समय गिरफ्तार किया गया था।
अदालत का फैसला
अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह साबित किया कि दोनों आरोपी व्यावसायिक मात्रा में गांजे के जानबूझकर कब्जे में थे और अपने कब्जे के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे। रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और ₹1-1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोनों को 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
गौरतलब है कि अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त ट्रक और अन्य संबंधित वस्तुओं को भी ज़ब्त करने का आदेश दिया है।
NCB की प्रतिक्रिया
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी जाँच और अभियोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। एजेंसी ने कहा कि वह ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है और 'नशा मुक्त भारत' के लक्ष्य में योगदान देने के लिए संकल्पबद्ध है।
आम जनता पर असर और अपील
NCB ने नागरिकों से मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण से जुड़ी किसी भी जानकारी को MANAS नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर साझा करने की अपील की है। एजेंसी के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
क्या होगा आगे
यह मामला महाराष्ट्र में ड्रग तस्करी के विरुद्ध न्यायिक सख्ती का एक उदाहरण है। यह ऐसे समय में आया है जब NCB देशभर में तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की मुहिम तेज कर रही है। दोनों दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प उपलब्ध है।