AAP विधायक संजीव झा पहुंचे पांडव कुमार के घर, दिल्ली सरकार से ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

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AAP विधायक संजीव झा पहुंचे पांडव कुमार के घर, दिल्ली सरकार से ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

सारांश

AAP विधायक संजीव झा का पांडव कुमार के घर पहुंचना महज़ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह एक राजनीतिक और सामाजिक संदेश था। बिहार के एक डिलीवरी बॉय की कथित पुलिस गोलीबारी में मौत ने प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।

Key Takeaways

  • AAP विधायक संजीव झा ने 29 अप्रैल को पांडव कुमार के परिजनों से मुलाकात की।
  • पांडव कुमार बिहार के खगड़िया का निवासी था और जोमैटो में डिलीवरी बॉय था।
  • झा ने दिल्ली सरकार से पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
  • झा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की।
  • मुलाकात में महाबल मिश्रा (पूर्व सांसद) और विनय मिश्रा (पूर्व विधायक, द्वारका) भी उपस्थित रहे।

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने 29 अप्रैल को नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस की गोली से मारे गए पांडव कुमार के परिजनों से मुलाकात की और दिल्ली सरकार से मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। पांडव कुमार मूलतः बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला था और जोमैटो में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत था।

मुलाकात का विवरण

विधायक संजीव झा पांडव कुमार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उनके साथ महाबल मिश्रा (पूर्व सांसद), विनय मिश्रा (पूर्व विधायक, द्वारका) और पूजा बाल्यान (धर्मपत्नी नरेश बाल्यान, पूर्व विधायक, उत्तम नगर) भी उपस्थित रहीं। झा ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी साझा कीं।

विधायक की प्रमुख मांगें

संजीव झा ने कहा कि पांडव कुमार अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत ने परिवार को आर्थिक व मानसिक दोनों रूपों से तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को कम से कम ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

पुलिस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया

विधायक झा ने पुलिस द्वारा मारी गई गोली को अमानवीय करार दिया। उन्होंने कहा,

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या दिल्ली पुलिस की जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष होगी। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है, जो इस मामले में राजनीतिक जटिलता और बढ़ाती है। बिना पारदर्शी जांच और जवाबदेही तय किए, ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

पांडव कुमार कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
पांडव कुमार बिहार के खगड़िया जिले के निवासी थे जो दिल्ली में जोमैटो के लिए डिलीवरी बॉय का काम करते थे। कथित तौर पर दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल की गोली लगने से उनकी मौत हो गई।
AAP विधायक संजीव झा ने क्या मांगें रखी हैं?
विधायक संजीव झा ने दिल्ली सरकार से पांडव कुमार के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की भी माँग की है।
इस मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री से क्या मांग की गई है?
विधायक झा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और तेज जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
पांडव कुमार के परिवार की आर्थिक स्थिति क्या थी?
पांडव कुमार अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूपों से गहरा आघात पहुंचाया है।
क्या यह घटना प्रवासी मज़दूरों के साथ भेदभाव को दर्शाती है?
विधायक संजीव झा के अनुसार, 'बिहार' का नाम सुनते ही गोली चलाने की घटना समाज में संकीर्ण सोच और भेदभाव को उजागर करती है। हालाँकि, जांच अभी जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष आना बाकी है।
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