ईरान का 90% रक्षा ढांचा तबाह: अमेरिकी एडमिरल कूपर का कांग्रेस में दावा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने 20 मई को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के समक्ष गवाही देते हुए दावा किया कि मध्य पूर्व में कई हफ्तों तक चले अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता 'काफी हद तक कमजोर' हो चुकी है। उनके अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान के रक्षा उद्योग के 90 प्रतिशत हिस्से को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान कई वर्षों तक अपनी सैन्य ताकत दोबारा नहीं बना पाएगा।
ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' और 'मिडनाइट हैमर'
एडमिरल कूपर ने अपनी गवाही में 'एपिक फ्यूरी' और 'मिडनाइट हैमर' नाम के अभियानों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन ऑपरेशनों ने ईरान की क्षेत्र में ताकत दिखाने की क्षमता को बड़े पैमाने पर समाप्त कर दिया है। उनके दावे के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
कूपर ने सांसदों से कहा, 'अमेरिकी सेना की कार्रवाई की वजह से हम अब पहले से ज़्यादा सुरक्षित हैं।' यह सुनवाई ऐसे समय में हुई जब लगभग तीन महीनों से जारी ईरान संघर्ष, बढ़ती तेल कीमतों और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में व्यवधान को लेकर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
प्रॉक्सी नेटवर्क और नौसैनिक नाकेबंदी
कूपर ने यह भी दावा किया कि ईरान के क्षेत्रीय सहयोगी और प्रॉक्सी नेटवर्क भी काफी कमजोर पड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमास, हिज्बुल्लाह और हूती जैसे समूह अब ईरान से मिलने वाले हथियारों और समर्थन से कट चुके हैं।
गौरतलब है कि हालिया सैन्य अभियान शुरू होने से पहले पिछले ढाई वर्षों में ईरान समर्थित समूहों ने अमेरिकी सैनिकों और राजनयिकों पर 350 से अधिक हमले किए थे। CENTCOM कमांडर ने ईरान के आसपास जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का भी बचाव करते हुए इसे वार्ता में अमेरिकी दबाव का प्रमुख साधन बताया। उन्होंने कहा कि अब तक 88 जहाजों को वापस भेजा जा चुका है और ईरानी बंदरगाहों में कोई व्यापार न अंदर गया है, न बाहर आया है।
डेमोक्रेटिक सांसदों की आपत्तियाँ
डेमोक्रेटिक सांसदों ने कूपर के दावों पर कड़े सवाल उठाए। उनका तर्क था कि इतनी व्यापक सैन्य कार्रवाई के बावजूद ईरान अभी भी होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। प्रतिनिधि एडम स्मिथ ने कहा, 'पूरी रणनीतिक स्थिति खराब हो चुकी है। हम अभी एक बड़ी मुश्किल में हैं। सरकार अभी भी वहीं है और कहीं नहीं जा रही।'
सांसदों ने ईरान के भीतर अमेरिकी हमलों में नागरिकों के हताहत होने के आरोपों पर भी सवाल उठाए, जिनमें मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर कथित हमला भी शामिल था। कूपर ने स्वीकार किया कि इस मामले की जाँच अभी जारी है।
नागरिक हताहत और युद्ध कानून
नागरिक नुकसान के आरोपों पर कूपर ने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता। हम युद्ध संबंधी कानूनों का पूरी तरह पालन करते हैं।' हालाँकि, मिनाब स्कूल प्रकरण की जाँच अभी भी लंबित है, जो इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
एडमिरल ने इस अभियान में अमेरिका के सहयोगी देशों और खाड़ी क्षेत्र के साझेदारों की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर का सैन्य तालमेल पहले कभी नहीं देखा गया। आने वाले हफ्तों में होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति और ईरान की प्रतिक्रिया वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए निर्णायक साबित होगी।