29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान की सैन्य ताकत 90% नष्ट: अमेरिकी एडमिरल का सीनेट में दावा, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का बचाव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान की सैन्य ताकत 90% नष्ट: अमेरिकी एडमिरल का सीनेट में दावा, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का बचाव

सारांश

अमेरिकी सेना का दावा है कि 40 दिनों से कम में ईरान की 90% सैन्य औद्योगिक क्षमता नष्ट कर दी गई — लेकिन सीनेट में डेमोक्रेट सांसद पूछ रहे हैं: जीत की रणनीति क्या है और कूटनीति कहाँ गई?

मुख्य बातें

एडमिरल चार्ल्स कूपर-द्वितीय ने 15 मई 2026 को सीनेट में दावा किया कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक संरचना लगभग 90 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत 40 दिनों से कम में सेंटकॉम ने अपने सैन्य उद्देश्य हासिल करने का दावा किया।
एडमिरल कूपर के अनुसार तेहरान की नौसेना एक पीढ़ी तक पुरानी ताकत हासिल नहीं कर पाएगी।
सीनेटर टिम केन और सीनेटर जैक रीड सहित डेमोक्रेट सांसदों ने कूटनीति छोड़ने और दीर्घकालिक रणनीति के अभाव पर सवाल उठाए।
होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान से वैश्विक तेल व्यापार और अमेरिकी उपभोक्ताओं की लागत पर असर की चेतावनी दी गई।
कूपर ने माना कि ईरान के पास अब भी शिपिंग और बुनियादी ढाँचे को सीमित नुकसान पहुँचाने की क्षमता बची है।

अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी एडमिरल चार्ल्स कूपर-द्वितीय ने 15 मई 2026 को वाशिंगटन में सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के सामने गवाही देते हुए दावा किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक औद्योगिक संरचना को लगभग 90 प्रतिशत तक नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर सीनेट की इस सुनवाई में जवाबदेही के लिए उपस्थित हुआ, जहाँ रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के बीच तीखी बहस देखी गई।

सैन्य उद्देश्य पूरे: एडमिरल कूपर का बयान

एडमिरल कूपर ने सांसदों को बताया, '40 दिनों से भी कम समय में सेंटकॉम बलों ने हमारे सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया। हमने ईरान की अपनी सीमाओं के बाहर शक्ति दिखाने और क्षेत्र व हमारे हितों को खतरे में डालने की क्षमता को कम कर दिया है।' उन्होंने आगे कहा कि तेहरान की नौसेना शायद एक पीढ़ी तक अपनी पुरानी ताकत हासिल नहीं कर पाएगी — यह दावा ईरान की दीर्घकालिक सैन्य क्षमता पर अब तक का सबसे कठोर आकलन माना जा रहा है।

कूपर ने अपनी गवाही में यह भी कहा कि 'ईरानी शासन ने क्षेत्र में आतंक फैलाया है और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति शत्रुता को अपने शासन का एक मुख्य सिद्धांत बना लिया है।' यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को लेकर घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

रिपब्लिकन समर्थन, डेमोक्रेट सवाल

सीनेटर रोजर विकर ने प्रशासन के सैन्य अभियान का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि ईरान दशकों से आतंकवाद का समर्थन करता रहा है, अमेरिकी हितों पर हमला करता रहा है और परमाणु व बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं का विकास करता रहा है। सीनेटर टॉम कॉटन ने तर्क दिया कि ईरान अब ऑपरेशन शुरू होने से पहले की तुलना में काफी कम खतरा है, जिससे एडमिरल कूपर सहमत हुए।

दूसरी ओर, डेमोक्रेट सांसद सीनेटर जैक रीड ने आलोचना करते हुए कहा कि ईरानी परमाणु मुद्दे का कोई विशुद्ध रूप से सैन्य समाधान नहीं है और ट्रंप प्रशासन के पास जीत के लिए कोई विश्वसनीय रणनीति नहीं है। सीनेटर टिम केन ने प्रशासन पर कूटनीति छोड़ने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी — 'अगर आप कूटनीति को असंभव बना देते हैं, तो आप युद्ध को अनिवार्य बना देंगे।'

होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक व्यापार पर चिंता

सुनवाई के दौरान कई सांसदों ने होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और उसके वैश्विक व्यापार व तेल कीमतों पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठाया। सांसदों ने चेतावनी दी कि इस रणनीतिक जलमार्ग में व्यवधान पहले ही अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत असाधारण है।

एडमिरल कूपर ने स्वीकार किया कि ईरान के पास अब भी शिपिंग और बुनियादी ढाँचे को खतरा पहुँचाने की कुछ क्षमता मौजूद है, हालाँकि उन्होंने जोर देकर कहा कि उन क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया गया है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, '90 प्रतिशत क्षमता नष्ट' का दावा सत्यापन की दृष्टि से जटिल है, क्योंकि ईरान की विकेंद्रीकृत सैन्य संरचना और भूमिगत प्रतिष्ठान त्वरित मूल्यांकन को कठिन बनाते हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के दावे अक्सर युद्ध के बाद की समीक्षाओं में संशोधित होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी कांग्रेस में युद्धाधिकार प्राधिकरण को लेकर द्विदलीय बहस तेज हो रही है।

आगे क्या होगा

सीनेट की यह सुनवाई ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षण है। डेमोक्रेट सांसद कूटनीतिक रास्ते की माँग कर रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन सैन्य सफलता को रेखांकित कर रहे हैं। मध्य पूर्व में स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इतिहास बताता है कि युद्धकालीन आकलन अक्सर बाद में संशोधित होते हैं — इराक और अफगानिस्तान में भी ऐसे ही दावे किए गए थे। असली सवाल यह है कि क्या सैन्य सफलता कूटनीतिक शून्य को भर सकती है, जबकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी अनुत्तरित है। होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे की स्वीकृति खुद एडमिरल कूपर ने की — यह संकेत देता है कि 'मिशन अकम्पलिश्ड' की कहानी अधूरी है। डेमोक्रेट सांसदों की कूटनीति की माँग को खारिज करना आसान है, लेकिन बिना निकास रणनीति के मध्य पूर्व में फँसने का जोखिम अमेरिका पहले भी उठा चुका है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या है?
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अमेरिकी सेना का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान है, जिसके तहत अमेरिकी सेंटकॉम बलों ने 40 दिनों से कम समय में ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक औद्योगिक क्षमताओं को निशाना बनाया। एडमिरल चार्ल्स कूपर-द्वितीय के अनुसार इस अभियान से ईरान की क्षेत्रीय सैन्य शक्ति प्रदर्शन की क्षमता गंभीर रूप से कमजोर हुई है।
अमेरिकी सेना ने ईरान की कितनी सैन्य क्षमता नष्ट करने का दावा किया है?
एडमिरल चार्ल्स कूपर-द्वितीय ने सीनेट में दावा किया कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक औद्योगिक संरचना लगभग 90 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान की नौसेना शायद एक पीढ़ी तक अपनी पुरानी ताकत हासिल नहीं कर पाएगी।
डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति पर क्या आपत्तियाँ जताईं?
सीनेटर जैक रीड ने कहा कि ईरानी परमाणु मुद्दे का कोई विशुद्ध सैन्य समाधान नहीं है और प्रशासन के पास विश्वसनीय जीत की रणनीति नहीं है। सीनेटर टिम केन ने कूटनीति छोड़ने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि इससे मध्य पूर्व में एक और लंबा संघर्ष हो सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर इस संघर्ष का क्या असर हो रहा है?
सांसदों ने सुनवाई में चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान पहले ही अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा रहा है और वैश्विक तेल व्यापार प्रभावित हो रहा है। एडमिरल कूपर ने भी माना कि ईरान के पास अब भी शिपिंग और बुनियादी ढाँचे को सीमित नुकसान पहुँचाने की क्षमता बची है।
रिपब्लिकन सांसदों ने सैन्य अभियान पर क्या रुख अपनाया?
सीनेटर रोजर विकर और सीनेटर टॉम कॉटन सहित रिपब्लिकन सांसदों ने सैन्य अभियान का जोरदार समर्थन किया। कॉटन ने कहा कि ईरान अब ऑपरेशन से पहले की तुलना में काफी कम खतरा है, जिससे एडमिरल कूपर भी सहमत हुए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले