ईरान का दावा: जॉर्डन में अमेरिकी THAAD और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तबाह, 12वीं रात भी जारी रहा संघर्ष
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 23 जुलाई को दावा किया कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले कर THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम और पैट्रियट सिस्टम को नष्ट कर दिया है। आईआरजीसी के अनुसार, यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लगातार 12वीं रात ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान चलाया।
आईआरजीसी के दावे: क्या-क्या बताया गया नष्ट
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक पोर्टल 'सिपाह न्यूज' के माध्यम से जारी बयान में कहा कि हमलों में THAAD और पैट्रियट रक्षा प्रणालियों के अलावा C-RAM रडार को भी निशाना बनाकर नष्ट किया गया। आईआरजीसी के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अड्डे के ईंधन टैंकों और हेलीकॉप्टर रखरखाव हैंगर में भी हमलों के बाद भीषण आग लग गई, जिससे वे पूरी तरह तबाह हो गए।
गौरतलब है कि इससे पहले आईआरजीसी ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों पर हमले का दावा भी किया था। ईरान ने स्पष्ट किया कि उसने अल-अदीरी कैंप और अली अल-सलेम एयर बेस को निशाना बनाया।
जॉर्डन की संप्रभुता पर आईआरजीसी का तर्क
आईआरजीसी ने जॉर्डन की जनता को संबोधित करते हुए अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया। उसने कहा, 'हमारी सैन्य कार्रवाई जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं करती, बल्कि देश में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी ही जॉर्डन की संप्रभुता का अतिक्रमण है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना एक वैध और आवश्यक कार्रवाई है।' हालांकि, जॉर्डन की ओर से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।
कुवैत में ड्रोन गतिविधि की पुष्टि
कुवैती सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में स्वीकार किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध दुश्मन ड्रोन खतरों का सामना कर रही है। कुवैती सेना के अनुसार, रात में सुनाई दिए विस्फोट वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा इन ड्रोन को मार गिराने की कार्रवाई का परिणाम थे।
अमेरिकी सेंटकॉम की कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी बलों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें समुद्री सैन्य क्षमताएँ, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र, तटीय निगरानी ठिकाने तथा वायु रक्षा प्रणालियाँ शामिल हैं। यह अमेरिका की लगातार 12वीं रात की सैन्य कार्रवाई थी।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव अपने चरम पर है और क्षेत्र में कई मोर्चों पर एक साथ सैन्य गतिविधियाँ जारी हैं। जॉर्डन की चुप्पी और कुवैत की पुष्टि इस संघर्ष की व्यापकता की ओर संकेत करती है। आने वाले घंटों में अमेरिका और जॉर्डन की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस स्थिति की दिशा तय करेगी।