अमेरिकी सैन्य कमांडर का बयान: ईरान के 5,500 लक्ष्यों पर हमले जारी, अभियान बढ़ रहा है
सारांश
Key Takeaways
- ईरान के अंदर 5,500 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
- अमेरिकी सेनाएं तेहरान की सैन्य क्षमता पर दबाव बना रही हैं।
- इस अभियान में सटीक हथियार प्रणालियों का उपयोग किया गया है।
- उद्देश्य है मौजूदा खतरों को समाप्त करना।
- आधुनिक युद्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बढ़ता इस्तेमाल।
वाशिंगटन, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के वरिष्ठ सैन्य कमांडर ने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की शुरुआत के बाद से अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के अंदर 5,500 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें 60 से ज्यादा जहाज भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान तेहरान की सैन्य क्षमताओं पर लगातार दबाव डालने के लिए चलाया जा रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि यह अभियान लगातार बढ़ रहा है और अमेरिकी सेनाएं विभिन्न क्षेत्रों में हमले तेज कर रही हैं।
कूपर ने कहा, “संक्षेप में, अमेरिकी सेनाएं ईरानी शासन के खिलाफ विनाशकारी सैन्य शक्ति का उपयोग जारी रखे हुए हैं।”
उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेनाएं पहले ही ईरान की सैन्य संरचना को लक्षित करते हुए हजारों हमले कर चुकी हैं।
कूपर ने कहा, “अब तक हमने ईरान के अंदर 5,500 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है, जिनमें 60 से ज्यादा जहाज शामिल हैं। इसके लिए कई प्रकार के सटीक हथियार प्रणालियों का उपयोग किया गया है।”
इन लक्ष्यों में ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं, नौसैनिक संपत्तियां और रक्षा उद्योग से जुड़े नेटवर्क शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “हम हर दिन ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन पर जोरदार हमले कर रहे हैं।”
इस अभियान का उद्देश्य मौजूदा खतरों को समाप्त करना और भविष्य में ईरान की हमले करने की क्षमता को कम करना है।
कूपर ने बताया, “कल रात ही हमारे बमवर्षक विमानों ने एक बड़े बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण संयंत्र पर हमला किया।”
उन्होंने कहा कि अभियान के पहले 24 घंटों के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में काफी कमी आई है।
नौसैनिक हमले भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना ने समुद्री रास्तों को खतरे में डालने वाले ईरानी जहाजों को निष्क्रिय कर दिया है।
उन्होंने कहा, “हमने चार सोलेमानी-क्लास युद्धपोतों में से आखिरी को भी नष्ट कर दिया है। यानी इस श्रेणी के सभी जहाज अब युद्ध से बाहर हो गए हैं।”
कमांडर ने इन हमलों को 'अप्रत्याशित, गतिशील और निर्णायक' बताया।
हवाई अभियानों में कई जगहों से उड़ान भरने वाले उन्नत लड़ाकू और बमवर्षक विमानों की लगातार लहरें शामिल रही हैं।
उन्होंने कहा, “हवा से हमने उन्नत लड़ाकू विमानों की लगातार उड़ानों के जरिए दुश्मन पर हर दिन लगातार दबाव बनाए रखा है।”
कूपर ने आधुनिक युद्ध में नई तकनीकों, खासकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल की भी बात की।
उन्होंने कहा, “हमारे सैनिक कई उन्नत एआई उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये सिस्टम कुछ ही सेकंड में बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने में मदद करते हैं, जिससे हमारे नेता दुश्मन से तेजी से बेहतर फैसले ले सकते हैं। हालांकि, किसे निशाना बनाना है और कब हमला करना है, इसका अंतिम फैसला इंसान ही करेंगे।”
कूपर ने कहा, “हमारी ताकत अकेले की नहीं है। यह हमारे मजबूत सहयोगियों का परिणाम है।” अमेरिका इजरायल और मध्य पूर्व के अन्य साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
अंत में उन्होंने कहा, “इतनी प्रगति के बावजूद हमें कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए, हम अभी भी पूरी तरह सतर्क हैं।”
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अमेरिका के उस बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व में ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना है।