क्या भारत-श्रीलंका की ‘मित्र शक्ति’ अभ्यास में हाईटेक उपकरणों और ड्रोन का किया जा रहा है इस्तेमाल?

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क्या भारत-श्रीलंका की ‘मित्र शक्ति’ अभ्यास में हाईटेक उपकरणों और ड्रोन का किया जा रहा है इस्तेमाल?

सारांश

भारत और श्रीलंका की सेनाएं मिलकर ‘मित्र शक्ति’ अभ्यास कर रही हैं। इस दौरान, हाईटेक ड्रोन और यूएवी का उपयोग करके सामरिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। जानें इस अभ्यास की मुख्य बातें और इसके महत्व के बारे में।

मुख्य बातें

संयुक्त अभ्यास का आयोजन भारत और श्रीलंका के बीच सामरिक सहयोग को मजबूत करता है।
हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल सटीकता में वृद्धि करता है।
दिवस का समापन आफ्टर-एक्शन डिस्कशन के साथ किया गया।
यह अभ्यास आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित है।
भारत-श्रीलंका संबंध को और मजबूत बनाने में मदद करेगा।

नई दिल्ली, 13 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और श्रीलंका की सेनाएं मिलकर संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ का आयोजन कर रही हैं। इस अभ्यास के दौरान गुरुवार को दोनों देशों के सैनिकों ने कई सामरिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में यूएवी का उपयोग करते हुए इलाके की निगरानी की गई। इसके बाद हाईटेक ड्रोन का उपयोग करके घरों की तलाशी ली गई, जिससे सटीकता में वृद्धि हुई और हताहत होने का खतरा कम हो गया।

साथ ही, दोनों देशों के जवानों ने कई सिविक एक्शन गतिविधियां भी कीं। ये सामरिक गतिविधियां एक व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान की गईं। गुरुवार को इंटीग्रेटेड फील्डक्राफ्ट के व्यावहारिक प्रदर्शन से प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। इसमें काउंटर-ड्रोन ड्रिल्स, बिल्ड अप एरिया में गतिशीलता, अवरोध पार करना और ब्रेक कॉन्टैक्ट ड्रिल्स जैसे महत्वपूर्ण अभियान शामिल थे। इसके बाद भारतीय और श्रीलंकाई सैनिकों ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।

इस दौरान नई पीढ़ी के उपकरणों का एकीकरण दिखाया गया। दोपहर के समय, दोनों सेनाओं के भारतीय और श्रीलंकाई सैनिकों को मिश्रित समूहों में विभाजित किया गया, जिसमें हथियार प्रशिक्षण किया गया। एक समूह ने एके-203, नेगेव एलएमजी और रॉकेट लॉन्चर पर सिम्युलेटर फायरिंग की, जबकि दूसरे समूह ने लाइव फायरिंग अभ्यास में भाग लिया। दिन का समापन एक आफ्टर-एक्शन डिस्कशन के साथ हुआ, जिसमें दिनभर के अभ्यासों से प्राप्त अनुभवों का विश्लेषण किया गया। इस चर्चा का उद्देश्य आपसी सहयोग, अंतरसंचालनीयता और सामरिक समझ को और मजबूत करना था।

यह उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना, पड़ोसी देश श्रीलंका की सेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ का आयोजन कर रही है। इस संयुक्त अभ्यास में दोनों देशों के सैनिक आतंकवाद-रोधी अभियानों की रणनीतियां विकसित कर रहे हैं। यह सैन्य अभ्यास भारत-श्रीलंका के बीच स्ट्रैटेजिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगा।

भारतीय सेना के अनुसार, 10 नवंबर से शुरू हुआ यह संयुक्त सैन्य अभ्यास कर्नाटक के बेलगावी स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में चल रहा है। यहां दोनों देशों की सेनाएं 23 नवंबर तक सैन्य अभ्यास करेंगी। यह भारत-श्रीलंका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ का 11वां संस्करण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दो देशों के बीच के रिश्तों को भी मजबूत करते हैं। यह अभ्यास एक सकारात्मक दिशा में एक कदम है, जो सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी रणनीतियों का विकास करना और सामरिक सहयोग को बढ़ाना है।
इस अभ्यास में कौन-कौन से उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है?
इस अभ्यास में यूएवी , ड्रोन , एके-203 , नेगेव एलएमजी और रॉकेट लॉन्चर जैसे हाईटेक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
यह अभ्यास कब तक चलेगा?
यह अभ्यास 10 नवंबर से शुरू होकर 23 नवंबर तक चलेगा।
इस अभ्यास का स्थान क्या है?
यह अभ्यास कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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