ओम प्रकाश राजभर ने हाजी शौकत अली के विवादास्पद बयान पर किया करारा जवाब
सारांश
Key Takeaways
- संविधान का पालन महत्वपूर्ण है।
- लोकतंत्र में बहुमत का महत्व।
- राजनीतिक बयानबाजी का समाज पर प्रभाव।
- प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- युद्ध के नकारात्मक प्रभावों का उल्लेख।
लखनऊ, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम के यूपी अध्यक्ष हाजी शौकत अली के विवादास्पद बयान, विधायक पूजा पाल की टिप्पणियों और प्रधानमंत्री मोदी के इथेनॉल-मिश्रण संबंधी बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मेरठ में हाजी शौकत अली ने कहा था कि यदि हमें ११ विधायक मिल जाएं, तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर होगा। इस पर ओम प्रकाश राजभर ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा, "देश संविधान के अनुसार चलता है और यहां कानून का राज है। लोकतंत्र में बहुमत महत्वपूर्ण होता है। आप ऐसे दावे तब कर सकते हैं जब आप सरकार बनाते हैं। आप केवल विरोध कर सकते हैं, लेकिन उससे आगे कुछ नहीं कर सकते।"
एक प्रश्न के उत्तर में राजभर ने कहा, "कहाँ लिखा है कि नमाज केवल सड़कों पर ही अदा की जानी चाहिए? कावड़ यात्रा घर से नहीं निकलेगी, यह सड़कों पर ही होगी। रामनवमी का जुलूस भी सड़कों पर ही निकलेगा।"
समाजवादी पार्टी की बागी विधायक पूजा पाल ने कहा है, "सपा के संरक्षण में अतीक अहमद जैसे लोग मजबूत हुए हैं और उन्होंने समाज को नुकसान पहुँचाया है। अतीक अहमद केवल एक अपराधी नहीं था, बल्कि उसने कई युवाओं के भविष्य को भी खराब किया।" इस पर मंत्री राजभर ने कहा, "सपा ने गुंडों को संरक्षण दिया, लेकिन आम जनता को नहीं। इसलिए हम पूजा पाल के बयान से सहमत हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर के मारे जाने पर कुछ लोग भारत में मातम मना रहे हैं। ऐसे में फिल्म धुरंधर-२ में जो दिखाया जा रहा है, वह सही है।"
राजभर ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के १४५ करोड़ लोगों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इसलिए वे प्रयास कर रहे हैं कि कहीं भी तेल और एलपीजी की कमी न हो।"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमलों को ५ दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा पर मंत्री ने कहा, "युद्ध से दोनों देशों को नुकसान हो रहा है। पड़ोसी देश में निवास करने वाले लोगों को भी दिक्कत हो रही है। युद्ध रोकने की यह एक अच्छी पहल है। मेरा मानना है कि दोनों देश समझौता कर अपने-अपने देशों के विकास के लिए काम करें।"