क्या ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा जवाब दिया?

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क्या ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा जवाब दिया?

सारांश

लखनऊ में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वोटर लिस्ट को लेकर उठते सवालों का भी जवाब दिया, यह बताते हुए कि कैसे प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष है। क्या उनके तर्क सही हैं? जानें इस लेख में!

Key Takeaways

  • वोटर लिस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
  • राजभर का आरोप है कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए बयान देते हैं।
  • एक भी मुसलमान को देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया गया।

लखनऊ, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय एनआरसी और सीएए पर देश में व्यापक चर्चा हुई थी और यह दावा किया गया था कि इन कानूनों से लोगों के अधिकार छिन जाएंगे या मुसलमानों को देश से बाहर किया जाएगा। लेकिन अब दो साल से अधिक समय बीत चुका है और एक भी मुसलमान को देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया गया।

राजभर ने कहा कि कुछ लोग केवल मुसलमानों के वोट प्राप्त करने के लिए ऐसे बयान देते हैं, जबकि अब इन दावों का कोई आधार नहीं रह गया है।

वोटर लिस्ट को लेकर उठ रहे सवालों के संदर्भ में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी पर गलत आरोप लगना चाहिए। इसी कारण समय-सीमा दो बार बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी सभी के पास फॉर्म भरने का अवसर है। यदि कोई व्यक्ति पहले चूक गया है, तो ड्राफ्ट सूची जारी हो चुकी है, उसे देख कर फॉर्म जमा किया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी मतदाता वंचित नहीं रहेगा।

राजभर ने आगे बताया कि वोटर लिस्ट में कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह लिखा गया था। जो लोग गुजर चुके थे या गांव से शहर चले गए थे, उनके नाम अलग-अलग स्थानों पर थे, जिन्हें अब समायोजित किया गया है। इसी प्रकार जो लोग राज्य के बाहर बस गए थे, उनके नाम वहां और यहां दोनों जगह दर्ज थे, उन्हें भी सुधार किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान कुछ बाहरी लोगों, चाहे वे बांग्लादेशी हों, रोहिंग्या हों या अन्य देशों से आए हों, के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ की जा रही है ताकि केवल योग्य नागरिकों का ही नाम मतदाता सूची में शामिल हो।

Point of View

ओम प्रकाश राजभर का बयान राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविकता के बीच का फासला बनता जा रहा है। यह समय है जब हमें चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या ओम प्रकाश राजभर ने सही कहा?
राजभर ने यह स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट में किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और सभी को अपनी आवाज उठाने का मौका दिया जाना चाहिए।
क्या एनआरसी और सीएए का प्रभाव अब खत्म हो गया है?
राजभर का कहना है कि अब इन कानूनों के खिलाफ उठाए गए दावे बेमायने हो चुके हैं और इससे कोई मुसलमान देश छोड़ने को मजबूर नहीं हुआ।
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