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यूपी के 57,000 पंचायत सहायकों को ₹9,000 मासिक मानदेय, मुकदमे वापस और बर्खास्त सहायक होंगे बहाल: राजभर

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यूपी के 57,000 पंचायत सहायकों को ₹9,000 मासिक मानदेय, मुकदमे वापस और बर्खास्त सहायक होंगे बहाल: राजभर

सारांश

उत्तर प्रदेश में 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों का लंबा इंतज़ार खत्म हुआ — पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद ₹9,000 मासिक मानदेय, मुकदमे वापसी और बर्खास्त सहायकों की बहाली का ऐलान किया।

मुख्य बातें

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 16 सितंबर को घोषणा की कि 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रतिमाह ₹9,000 मानदेय दिया जाएगा।
आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और बर्खास्त सहायकों की बहाली होगी।
प्रत्येक पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
सरकार पहले ₹8,000 पर अड़ी थी; मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता के बाद राशि ₹9,000 की गई।
पंचायत सहायकों की नियुक्ति 2022 में ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्य सुव्यवस्थित करने के लिए हुई थी।

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार, 16 सितंबर को घोषणा की कि राज्य के 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों को अब प्रतिमाह ₹9,000 मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान इन सहायकों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे और जिन्हें सेवा से हटाया गया था, उनकी बहाली भी सुनिश्चित की जाएगी। यह ऐलान मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

राजभर ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पंचायत सहायक 24 तारीख से धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा, 'हमारे पंचायत सहायक 24 तारीख से धरने पर बैठे थे और सोमवार को मैं लखनऊ आया तो कुछ साथियों से बातचीत हुई, इन लोगों की जो मांग थी जायज मांग है। मैंने आज सुबह मुख्यमंत्री से बात की है। बातचीत के बाद सभी हमारे जितने भी पंचायत सहायक हैं, सभी को 9,000 रुपया महीना देने का ऐलान मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद हुआ है।'

मंत्री ने स्पष्ट किया कि शुरुआत में सरकार ₹8,000 प्रतिमाह पर अड़ी थी, परंतु मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता के बाद यह राशि बढ़ाकर ₹9,000 कर दी गई। यह बढ़ोतरी सहायकों की लंबे समय से चली आ रही माँग के आंशिक समाधान के रूप में देखी जा रही है।

अन्य घोषणाएँ: कैशलेस सुविधा और बहाली

राजभर ने यह भी बताया कि प्रत्येक पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाएगी। आंदोलन के दौरान जिन सहायकों को सेवा से बर्खास्त किया गया था, उन सभी की पुनः बहाली की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाने की भी घोषणा की गई।

पंचायत सहायकों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से इन सहायकों की नियुक्ति की थी। इन्हें आधिकारिक रूप से पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-सह-डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात किया गया था। इस पहल का मकसद सेवा वितरण का विकेंद्रीकरण करना और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को सुलभ बनाना था। राज्य में ऐसे सहायकों की कुल संख्या 57,000 से अधिक बताई जाती है।

हाल के दिनों में इन सहायकों ने मानदेय वृद्धि की माँग को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किए थे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पंचायती राज व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं।

आम जनता और पंचायती व्यवस्था पर असर

पंचायत सहायक ग्रामीण प्रशासन की एक अहम कड़ी हैं, जो डेटा एंट्री से लेकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक में सहयोग करते हैं। उनकी बहाली और मानदेय वृद्धि से ग्रामीण स्तर पर सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत अनुबंध आधारित कर्मचारियों के हितों की रक्षा का एक संदेश भी जाता है।

क्या होगा आगे

मंत्री राजभर की घोषणा के बाद अब यह देखना होगा कि मुकदमे वापसी और बहाली की प्रक्रिया कितनी जल्दी अमल में आती है। पंचायत सहायकों के संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन पूरी तरह स्थगित करने पर अंतिम निर्णय लंबित बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 का यह मानदेय उन सहायकों के लिए राहत की साँस है जो वर्षों से न्यूनतम पारिश्रमिक पर काम कर रहे थे, लेकिन यह राशि अभी भी राज्य के न्यूनतम वेतन से काफी कम है — जो एक बड़े सवाल को जन्म देती है। मुकदमे वापसी और बहाली की घोषणाएँ स्वागत योग्य हैं, पर लिखित आदेश जारी न होने तक ये केवल आश्वासन हैं। गौरतलब है कि 2022 में नियुक्त इन सहायकों की सेवा शर्तें शुरू से ही अस्पष्ट रहीं, और सरकार को यह संकट पहले ही टाला जा सकता था। असली परीक्षा यह है कि घोषणाएँ कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरती हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी पंचायत सहायकों को अब कितना मानदेय मिलेगा?
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की घोषणा के अनुसार, राज्य के 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों को अब प्रतिमाह ₹9,000 मानदेय दिया जाएगा। यह राशि पहले ₹8,000 प्रस्तावित थी, जिसे मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद बढ़ाया गया।
पंचायत सहायकों के मुकदमे क्यों दर्ज हुए थे और क्या वे वापस होंगे?
मानदेय वृद्धि की माँग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान कई पंचायत सहायकों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए थे। मंत्री राजभर ने घोषणा की है कि आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और बर्खास्त सहायकों की बहाली भी की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायक कौन होते हैं और इनकी नियुक्ति कब हुई?
पंचायत सहायकों को 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए नियुक्त किया था। इन्हें आधिकारिक रूप से पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-सह-डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात किया गया था और राज्य में इनकी कुल संख्या 57,000 से अधिक है।
पंचायत सहायकों को कैशलेस सुविधा क्या होगी?
मंत्री राजभर के अनुसार, प्रत्येक पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाएगी। इसका अर्थ है कि उनके परिजन बिना नकद भुगतान के निर्धारित अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे।
पंचायत सहायकों का आंदोलन कब से चल रहा था?
मंत्री राजभर के बयान के अनुसार, पंचायत सहायक 24 तारीख से धरने पर बैठे थे। मानदेय वृद्धि की माँग को लेकर हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन सहायकों ने प्रदर्शन किए थे।
राष्ट्र प्रेस
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