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राज ठाकरे का भाजपा पर तीखा प्रहार: 'गंदी राजनीति' की अगली पीढ़ियों को चुकानी पड़ेगी कीमत

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राज ठाकरे का भाजपा पर तीखा प्रहार: 'गंदी राजनीति' की अगली पीढ़ियों को चुकानी पड़ेगी कीमत

सारांश

राज ठाकरे ने ठाणे में भाजपा को आईना दिखाया — दलबदल को 'बिकने की तैयारी' कहा, मोदी पर पार्टी की निर्भरता को 'ताश के पत्तों की इमारत' बताया, और चेताया कि आज की गंदी राजनीति की कीमत आने वाली पीढ़ियाँ चुकाएंगी।

मुख्य बातें

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने 1 जुलाई 2026 को ठाणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र और देश की राजनीति को 'गंदा और भयावह' करार दिया।
दलबदल पर तीखी टिप्पणी: 'सवाल यह नहीं कि कौन खरीद रहा है, बल्कि यह है कि कौन बिकने के लिए तैयार है।' भाजपा को 'ताश के पत्तों की इमारत' बताया; कहा पार्टी का अस्तित्व केवल प्रधानमंत्री मोदी की वजह से है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप — विपक्षी दलों को तोड़कर अलग गुट बनाए रखना भविष्य की नेतृत्व रणनीति का हिस्सा।
पश्चिम बंगाल चुनाव में कथित तौर पर 27 लाख मतों को हटाने का दावा किया।
चेतावनी दी कि आज की राजनीतिक संस्कृति का आने वाली पीढ़ियों पर हानिकारक असर पड़ेगा।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने 1 जुलाई 2026 को ठाणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश और महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को 'गंदा और भयावह' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने दलबदल की संस्कृति और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर खुलकर चेतावनी दी कि यह राजनीतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक साबित होगी।

दलबदल पर राज ठाकरे का सीधा वार

मनसे प्रमुख ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट से टूटे बागी सांसदों और विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा, 'अभी सवाल यह नहीं है कि कौन खरीद रहा है, बल्कि यह है कि कौन बिकने के लिए तैयार है। अगर वे खुद को बेचने के लिए तैयार हैं, तो खरीदार हमेशा मिल जाएंगे।' यह टिप्पणी महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते दलबदल को लेकर उनकी गहरी नाराज़गी को उजागर करती है।

उन्होंने आगे कहा कि राजनेताओं को इस बात का एहसास नहीं है कि वे किस तरह की मिसाल पेश कर रहे हैं। उनके शब्दों में, 'हम इस देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं?'

भाजपा की रणनीति पर ऐतिहासिक चेतावनी

राज ठाकरे ने भाजपा की विरोधियों को कमज़ोर करने की रणनीति की तुलना विश्व इतिहास और भारत के आपातकाल काल से की। उन्होंने कहा, 'इतिहास गवाह है कि जब भी शासकों ने अपने विरोधियों को खत्म करने की कोशिश की है, तो उनके ही खेमे से शत्रु उभरकर उन्हें नष्ट करने में सफल रहे हैं। भाजपा के भीतर यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।'

उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र में चल रही इस राजनीतिक संस्कृति को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और जब भाजपा सत्ता में नहीं रहेगी, तब उसे भी इन्हीं परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।

मोदी पर निर्भरता: 'ताश के पत्तों की इमारत'

भाजपा की सत्ता संरचना को 'ताश के पत्तों से बनी कमज़ोर इमारत' बताते हुए राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पार्टी की अत्यधिक निर्भरता को रेखांकित किया। उनका कहना था, 'इस ढाँचे का सबसे नीचे का आधार पत्ता भी अगर हिल जाए, तो पूरी इमारत ढह जाएगी। आज भाजपा का अस्तित्व केवल प्रधानमंत्री मोदी की वजह से है, किसी और की वजह से नहीं।'

बंगाल-बिहार चुनाव और कथित मतदाता सूची विवाद

मनसे पदाधिकारियों को 'एसआईआर' मुद्दे पर संबोधित करने के बाद मीडिया से बात करते हुए राज ठाकरे ने पश्चिम बंगाल और बिहार के विधानसभा चुनावों का ज़िक्र किया। उन्होंने दावा किया कि परिणामों को प्रभावित करने के लिए एक विशाल सरकारी तंत्र का उपयोग किया गया, जिसमें बंगाल में कथित तौर पर 27 लाख मतों को हटाना भी शामिल है। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी जैसी मुख्यमंत्री की हार कोई साधारण उपलब्धि नहीं है।'

भविष्य की शतरंज: अमित शाह पर आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए ठाकरे ने दावा किया कि विपक्षी दलों को भाजपा में सीधे विलय किए बिना तोड़ने की रणनीति भविष्य के नेतृत्व दावों के लिए एक सोची-समझी चाल है। उन्होंने कहा, 'पैटर्न को देखिए — जब शिवसेना या तृणमूल कांग्रेस के सांसद अलग होते हैं, तो उन्हें सीधे भाजपा में क्यों नहीं मिला दिया जाता? अलग-अलग गुट क्यों बनाए रखे जाते हैं? अगर भविष्य में प्रधानमंत्री पद के नेतृत्व को लेकर अंदरूनी विरोध होता है, तो इन बिखरे हुए गुटों का इस्तेमाल समर्थन जुटाने के लिए किया जाएगा।'

राज ठाकरे ने अंत में कहा कि यह सच्चाई जल्द ही शीर्ष स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक सामने आएगी — और महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है — इसे तथ्य की तरह नहीं, बल्कि एक राजनीतिक आरोप की तरह ही देखा जाना चाहिए। भाजपा की 'ताश के पत्तों की इमारत' वाली उपमा सटीक लग सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र की जनता के पास कोई विश्वसनीय विकल्प है — और इस सवाल का जवाब राज ठाकरे ने नहीं दिया।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज ठाकरे ने ठाणे प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
राज ठाकरे ने 1 जुलाई 2026 को ठाणे में महाराष्ट्र और देश की राजनीति को 'गंदा और भयावह' बताया और भाजपा पर दलबदल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने चेताया कि यह राजनीतिक संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक साबित होगी।
राज ठाकरे ने दलबदल को लेकर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने कहा कि सवाल यह नहीं है कि कौन खरीद रहा है, बल्कि यह है कि कौन बिकने के लिए तैयार है — और जो बिकने को तैयार हैं, उन्हें खरीदार हमेशा मिल जाएंगे। यह टिप्पणी उद्धव ठाकरे के शिवसेना गुट से टूटे बागी सांसदों और विधायकों पर निशाना थी।
राज ठाकरे ने भाजपा और मोदी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने भाजपा की सत्ता संरचना को 'ताश के पत्तों की इमारत' बताया और कहा कि आज भाजपा का अस्तित्व केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से है। उनका कहना था कि यदि आधार पत्ता भी हिला, तो पूरी इमारत ढह जाएगी।
राज ठाकरे ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
राज ठाकरे ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में परिणामों को प्रभावित करने के लिए सरकारी तंत्र का उपयोग किया गया, जिसमें कथित तौर पर 27 लाख मतों को हटाना शामिल है। यह दावा उन्होंने किया है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
राज ठाकरे ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
राज ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को भाजपा में सीधे विलय किए बिना तोड़कर अलग गुट बनाए रखना एक सोची-समझी रणनीति है। उनका दावा था कि भविष्य में प्रधानमंत्री पद के नेतृत्व विवाद में इन बिखरे गुटों का इस्तेमाल किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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