राज ठाकरे का दल-बदल पर तीखा हमला: '₹50 से 100 करोड़ में बिकते हैं आपके चुने हुए नेता'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार, 20 जून को मुंबई में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ती दल-बदल की प्रवृत्ति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल जनता की समस्याओं की अनदेखी कर विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त में सैकड़ों करोड़ रुपये फूँक रहे हैं। ठाकरे ने चेतावनी दी कि जब आत्म-सम्मान की बोली लग जाए, तो इंसान महज एक जीती-जागती लाश बनकर रह जाता है।
बैठक का संदर्भ और मुख्य घटनाक्रम
मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक के एमएनएस पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने राज्य की राजनीतिक नैतिकता में आई गिरावट पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक ओर महाराष्ट्र और देश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात हैं, वहीं नेता सांसद, विधायक और कॉरपोरेटर तोड़ने में व्यस्त हैं। उनके अनुसार, सत्ता पाने और बनाए रखने के लिए लोगों को सामान की तरह खरीदा और बेचा जा रहा है।
ठाकरे ने सीधे मतदाताओं से मुखातिब होते हुए पूछा कि वे चिलचिलाती धूप में घंटों कतार में खड़े होकर वोट देते हैं, और जिसे चुनते हैं वह ₹50 से 100 करोड़ में पाला बदल लेता है। उन्होंने कहा, 'क्या आप इन दल-बदलुओं को फिर से चुनेंगे? आज आपके वोट की कीमत बिल्कुल शून्य हो गई है।'
सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरा
ठाकरे ने देशभर में, खासकर किसानों और छात्रों के बीच, आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पर तत्काल ध्यान देने की ज़रूरत है। उन्होंने नीट परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एमएनएस शुरू से ही इस परीक्षा को केंद्र स्तर पर लागू करने के विरोध में रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ एक तरफ नेताओं को दल-बदल रोकने के लिए आलीशान रिसॉर्ट्स में ठहराया जा रहा है, वहीं देश में मानव तस्करी खतरनाक रूप से बढ़ रही है और बच्चों व महिलाओं का अपहरण व शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा, 'जब देश के सामने इतनी बड़ी चुनौतियाँ हैं, तब भी प्राथमिकता विपक्षी पार्टियों को तोड़ने में सैकड़ों करोड़ खर्च करने की है।'
भावी पीढ़ी और राजनीतिक विरासत पर सवाल
ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों को याद दिलाया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हम किस तरह की राजनीतिक विरासत छोड़ रहे हैं, यह सोचने का वक्त आ गया है। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनावी प्रबंधन के उदाहरण देते हुए कहा कि पेशेवर चुनाव प्रबंधन की अनदेखी से पार्टी के कीमती अवसर और वर्ष बर्बाद होते हैं।
उन्होंने कहा, 'हम ऐसा महाराष्ट्र बनाने का सपना देखते हैं जिस पर पूरी दुनिया को गर्व हो, लेकिन इसके लिए पहले राजनीतिक सत्ता का जनादेश हासिल करना होगा।' वोटर लिस्ट पर लापरवाही की वजह से पाँच-पाँच साल बर्बाद होने की बात कहते हुए उन्होंने पदाधिकारियों को संगठनात्मक अनुशासन के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी।
आगे क्या
यह बैठक महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक की पृष्ठभूमि में हुई है, जहाँ पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े दलों में टूट देखी गई है। ठाकरे के इस संबोधन को एमएनएस की भविष्य की चुनावी रणनीति के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी के अनुसार, संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करना और मतदाता सूची प्रबंधन को दुरुस्त करना अब प्राथमिकता होगी।