क्या घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति हो सकती है? नवाब मलिक का राज ठाकरे पर तीखा हमला

Click to start listening
क्या घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति हो सकती है? नवाब मलिक का राज ठाकरे पर तीखा हमला

सारांश

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के उत्तर भारतीयों को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती। क्या राज ठाकरे इस बात को समझते हैं?

Key Takeaways

  • घृणा और नफरत से राजनीति नहीं होती।
  • राज ठाकरे का रुख विवादास्पद है।
  • महाराष्ट्र चुनावों में एकता की आवश्यकता है।
  • धर्म के नाम पर चुनावी ध्रुवीकरण हो रहा है।
  • मुंबई का विकास सभी जातियों और धर्मों के सहयोग से संभव है।

मुंबई, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने उत्तर भारतीयों के विषय में मनसे प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मनसे का रुख लगातार देखा जा रहा है। घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती।

नवाब मलिक ने कहा, "मराठी मानुष की बात करते हुए पहले उत्तर भारतीयों और फिर दक्षिण भारतीयों को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। जब उनकी राजनीति सफल नहीं हुई तो मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक हो गए। घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती। राज ठाकरे यह समझने में असमर्थ हैं कि राजनीतिक स्थिरता के लिए किन मुद्दों को उठाया जाना चाहिए।"

'बॉम्बे' नाम को लेकर भाजपा नेता अन्नामलाई को जवाब देते हुए नवाब मलिक ने कहा कि केवल मुंबई नहीं, मद्रास का नाम भी चेन्नई हुआ। इसलिए अन्नामलाई को पहले चेन्नई का नाम मद्रास करने की बात करनी चाहिए। एनसीपी नेता ने कहा कि जब कानूनी रूप से नाम बदल गया है तो इस पर विवाद करना उचित नहीं है। पहले बॉम्बे था, लेकिन मुंबई नामकरण के बाद इसे पूरी दुनिया में इसी नाम से जाना जाता है।

बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) एवं महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों पर एनसीपी नेता ने कहा, "मंगलवार को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। पार्टी के उम्मीदवार हर जगह मेहनत कर रहे हैं, अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। शाम ५ बजे के बाद प्रचार समाप्त हो जाएगा। हमें विश्वास है कि एनसीपी के उम्मीदवार बड़ी संख्या में जीतेंगे।"

उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनावों में धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। नवाब मलिक ने कहा, "जय श्रीराम, बुर्का और बांग्लादेश जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। मराठी मानुष का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। कुल मिलाकर, हमें लगता है कि चुनावों को ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा, शिवसेना-यूबीटी या मनसे, ये सभी दल लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। शहर में रहने वाला एक बड़ा वर्ग इन सभी बातों से प्रभावित नहीं हो रहा है। नतीजे दिखाएंगे कि उनके यह मुद्दे चुनाव में सफल नहीं हुए हैं।

नवाब मलिक ने कहा कि इस चुनाव में एक बड़ी संख्या में एकजुट रहने की विचारधारा के लोग हैं। लोग चाहते हैं कि सभी जाति-धर्म और प्रांत के लोग एक साथ रहें। मुंबई के विकास में मराठी मानुष के साथ-साथ सभी का योगदान है।

Point of View

खासकर जब हम विविधता में एकता की बात करते हैं।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

नवाब मलिक ने राज ठाकरे के खिलाफ क्या कहा?
नवाब मलिक ने कहा कि घृणा, नफरत और बंटवारे से राजनीति नहीं होती और राज ठाकरे को समझना चाहिए कि राजनीतिक स्थिरता के लिए किन मुद्दों को उठाया जाना चाहिए।
क्या मुंबई का नाम बदलने पर विवाद है?
हां, नवाब मलिक ने कहा कि जब कानूनी रूप से नाम बदल गया है, तो इस पर विवाद करना उचित नहीं है।
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों का क्या हाल है?
एनसीपी नेता ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार चुनाव प्रचार में पूरी मेहनत कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि वे बड़ी संख्या में जीतेंगे।
क्या चुनावों में धर्म का मुद्दा उठाया जा रहा है?
हां, नवाब मलिक ने कहा कि चुनावों में धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या मुंबई के विकास में सभी का योगदान है?
बिल्कुल, नवाब मलिक ने कहा कि मुंबई के विकास में मराठी मानुष के साथ-साथ सभी का योगदान है।
Nation Press