7 जुलाई 2026
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राम मंदिर चंदा विवाद: महाराष्ट्र कांग्रेस का 7 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह, BJP-RSS पर निशाना

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राम मंदिर चंदा विवाद: महाराष्ट्र कांग्रेस का 7 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह, BJP-RSS पर निशाना

सारांश

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा अब महाराष्ट्र में राजनीतिक आंदोलन बन चुका है। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) — दोनों ने अलग-अलग मोर्चे खोले हैं, BJP-RSS को निशाने पर लेते हुए। धर्म और राजनीति का यह संगम आने वाले हफ्तों में महाराष्ट्र की सियासत को नई दिशा दे सकता है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस 7 जुलाई 2026 से BJP और RSS के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
आंदोलन की शुरुआत नासिक के कालाराम मंदिर से सुबह 11 बजे होगी।
9 से 14 जुलाई तक सभी जिलों में 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह आयोजित होगा।
शिवसेना (UBT) ने 5 जुलाई को 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू किया; उद्धव ठाकरे ने दादर हनुमान मंदिर से नेतृत्व किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी आंदोलन पर तंज कसा, ठाकरे को रोज़ राम रक्षा स्तोत्र पढ़ने की 'सलाह' दी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की माँग शिवसेना (UBT) नेताओं ने की।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने 7 जुलाई 2026 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विरुद्ध राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। यह आंदोलन अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छेड़ा जा रहा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 6 जुलाई को इसकी घोषणा की।

आंदोलन का स्वरूप और कार्यक्रम

आंदोलन की औपचारिक शुरुआत नासिक के ऐतिहासिक कालाराम मंदिर से मंगलवार सुबह 11 बजे होगी। इसके बाद 9 से 14 जुलाई तक राज्य के सभी जिलों में 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा। यह सत्याग्रह जिला मुख्यालयों में स्थित राम, शिव या हनुमान मंदिरों के परिसर में किया जाएगा।

सपकाल ने कहा, 'यह सिर्फ पैसे या दान की चोरी नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भगवान श्रीराम के नाम पर की गई डकैती है।' उन्होंने माँग की कि इस मामले के जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिले।

कांग्रेस के आरोप और माँगें

सपकाल का आरोप है कि राम भक्तों ने अयोध्या मंदिर में करोड़ों रुपये के साथ-साथ सोने-चाँदी के आभूषण भी दान किए, किंतु कथित तौर पर यह चढ़ावा लूट लिया गया। उन्होंने इसके लिए BJP और RSS को सीधे जिम्मेदार ठहराया। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भगवान से प्रार्थना करेंगे कि वे 'मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर धन हड़पने वाले भ्रामक और धोखेबाज लोगों को सद्बुद्धि दें।'

शिवसेना (UBT) का समानांतर आंदोलन

कांग्रेस का यह ऐलान शिवसेना (UBT) के 5 जुलाई को शुरू किए गए 'राम रक्षा आंदोलन' के ठीक एक दिन बाद आया है। शिवसेना (UBT) ने भी अयोध्या मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे के गबन के विरोध में यह आंदोलन छेड़ा है।

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के दादर स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर से आंदोलन की शुरुआत की और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा अयोध्या से आए संतों के साथ राम रक्षा महाआरती की। आंदोलन का मुख्य केंद्र राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ रहा। छत्रपति संभाजीनगर में विधान परिषद सदस्य अंबादास दानवे ने सुपारी हनुमान मंदिर के बाहर समानांतर रूप से आंदोलन का नेतृत्व किया।

शिवसेना (UBT) के नेताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की माँग की। सांसद संजय राउत ने भी इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ BJP के खिलाफ तीखा हमला बोला। गौरतलब है कि पार्टी ने इस मंच का उपयोग हाल के बड़े दल-बदल के बाद अपने हिंदुत्व के रुख को पुनः मजबूती से सामने रखने के लिए किया।

सरकार की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उद्धव ठाकरे को आखिरकार भगवान राम की याद आ गई। फडणवीस ने कहा, 'मेरी अपेक्षा है कि वह केवल आज ही नहीं, बल्कि हर दिन राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।'

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्षी दल BJP-नेतृत्व वाली सरकार को घेरने के लिए धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक मंच दे रहे हैं। 9 से 14 जुलाई के बीच राज्यभर के जिलों में सत्याग्रह की श्रृंखला यह तय करेगी कि यह आंदोलन जन-आंदोलन का रूप लेता है या राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि जब तक चढ़ावे की कथित चोरी की स्वतंत्र जाँच नहीं होती, तब तक ये आंदोलन तथ्य से ज़्यादा राजनीतिक प्रतीकवाद पर टिके हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को जमीनी जन-आक्रोश में बदल पाता है, या यह मंदिर-दर-मंदिर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सिमट जाता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र कांग्रेस का राम मंदिर चंदा विवाद पर आंदोलन क्या है?
महाराष्ट्र कांग्रेस ने 7 जुलाई 2026 से अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में BJP और RSS के खिलाफ राज्यव्यापी सत्याग्रह शुरू किया है। आंदोलन नासिक के कालाराम मंदिर से शुरू होकर 9 से 14 जुलाई तक सभी जिलों में फैलेगा।
'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह कहाँ-कहाँ होगा?
यह सत्याग्रह 9 से 14 जुलाई 2026 के बीच महाराष्ट्र के सभी जिला मुख्यालयों में स्थित राम, शिव या हनुमान मंदिरों के परिसर में आयोजित किया जाएगा। इसमें राम रक्षा स्तोत्र और सामूहिक प्रार्थना शामिल होगी।
शिवसेना (UBT) का 'राम रक्षा आंदोलन' कांग्रेस के आंदोलन से कैसे अलग है?
शिवसेना (UBT) ने 5 जुलाई को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई के दादर हनुमान मंदिर से 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू किया, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की माँग भी शामिल है। कांग्रेस का आंदोलन एक दिन बाद घोषित हुआ और इसका स्वरूप जिला-स्तरीय सत्याग्रह पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आंदोलन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उद्धव ठाकरे को भगवान राम की याद आई। उन्होंने कहा कि उनकी अपेक्षा है कि ठाकरे केवल आज नहीं, बल्कि हर दिन राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए करोड़ों रुपये और सोने-चाँदी के आभूषणों में कथित वित्तीय अनियमितताएँ हुई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग अभी तक लंबित है।
राष्ट्र प्रेस
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