3 जुलाई 2026
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राम मंदिर चंदा अनियमितता: होसबोले के बयान पर अयोध्या के संतों ने जताई सहमति, दोषियों पर कार्रवाई की माँग

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राम मंदिर चंदा अनियमितता: होसबोले के बयान पर अयोध्या के संतों ने जताई सहमति, दोषियों पर कार्रवाई की माँग

सारांश

RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितता पर कार्रवाई की माँग को अयोध्या के प्रमुख संतों ने समर्थन दिया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र दास वेदांती समेत कई धार्मिक नेताओं ने कहा — दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।

मुख्य बातें

RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितता पर जाँच और कार्रवाई की माँग उठाई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र दास वेदांती ने होसबोले के बयान को 'जायज माँग' बताया और पूर्ण समर्थन दिया।
पंडित कल्कि राम ने सनातन समाज की एकजुटता बनाए रखने की अपील की और मंदिर को बदनाम करने की कोशिशों के प्रति सतर्क रहने को कहा।
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने होसबोले के बयान को सही ठहराया और 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना से पारदर्शिता की वकालत की।
संतों ने एकमत होकर कहा — निष्पक्ष जाँच के बाद दोषियों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राम मंदिर के चंदे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर जो बयान दिया, उसे 3 जुलाई को अयोध्या के प्रमुख संतों और धार्मिक नेताओं ने खुलकर समर्थन दिया। संतों ने एकमत होकर कहा कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सिद्ध होती है, तो निष्पक्ष जाँच के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए — ताकि राम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर की गरिमा अक्षुण्ण रहे।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष का स्पष्ट समर्थन

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र दास वेदांती ने कहा कि होसबोले का बयान एक 'जायज माँग' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट से जुड़ी कथित चोरी के मामले में कार्रवाई की माँग पूरी तरह उचित है। वेदांती के अनुसार, इस घटना को पूरे देश और दुनिया ने देखा है और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी हर गतिविधि पर सभी की नज़र रहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ मंदिर की छवि को प्रभावित करती हैं, इसलिए जाँच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई अनिवार्य है। वेदांती ने होसबोले के बयान को अपना 'पूर्ण समर्थन' दिया।

पंडित कल्कि राम की चेतावनी

पंडित कल्कि राम ने कहा कि यह विषय पूरी तरह सत्य है और उन्होंने स्वयं भी पहले इस पर अपील की थी। उन्होंने याद दिलाया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान पूरी दुनिया ने सनातन धर्म के अनुयायियों की एकजुटता देखी थी और उसी एकता को बनाए रखना आवश्यक है।

कल्कि राम ने आगाह किया कि कुछ तत्व अभी भी राम मंदिर को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं और लोगों से किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सनातन समाज को आपस में बाँटने की कोशिश करने वालों से सतर्क रहना ज़रूरी है।

साकेत भवन मंदिर के महंत का पक्ष

अयोध्याधाम स्थित साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने भी होसबोले के बयान को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज स्वभाव से सहनशील, सरल और उदार है। हिंदू संस्कृति 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना में विश्वास रखती है — सभी को साथ लेकर चलने और सबके कल्याण की बात करती है।

सीताराम दास महाराज ने रेखांकित किया कि हिंदू समाज का मूल स्वभाव समरसता और सर्वहित की भावना को आगे बढ़ाना है, और इसी भावना की रक्षा के लिए चंदे की पारदर्शिता ज़रूरी है।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं ने चंदा दिया था। कथित तौर पर इस चंदे में अनियमितताओं के आरोप सामने आए, जिन पर RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने सार्वजनिक बयान देकर जाँच और कार्रवाई की माँग उठाई। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर की विश्वसनीयता और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर व्यापक सार्वजनिक चर्चा हो रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस मामले में क्या आधिकारिक कदम उठाता है और क्या कोई स्वतंत्र जाँच का आदेश दिया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया — यह चुप्पी अपने आप में सवाल खड़े करती है। जिस मंदिर के निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई से चंदा दिया, उस राशि के प्रबंधन में पारदर्शिता केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही का प्रश्न है। बिना स्वतंत्र जाँच तंत्र के महज बयानबाज़ी से श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल नहीं होगा।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दत्तात्रेय होसबोले ने राम मंदिर चंदे पर क्या बयान दिया?
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राम मंदिर के चंदे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर निष्पक्ष जाँच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग उठाई। उनके इस बयान को अयोध्या के प्रमुख संतों और धार्मिक नेताओं ने समर्थन दिया।
राम मंदिर चंदा अनियमितता मामला क्या है?
राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से एकत्र किए गए चंदे में कथित तौर पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी इस कथित चोरी को लेकर धार्मिक नेताओं ने जाँच की माँग की है।
अयोध्या के संतों ने होसबोले के बयान का समर्थन क्यों किया?
संतों का मानना है कि राम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर की गरिमा की रक्षा के लिए चंदे में किसी भी गड़बड़ी की जाँच और दोषियों पर कार्रवाई ज़रूरी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र दास वेदांती ने कहा कि इस घटना ने मंदिर की छवि को प्रभावित किया है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
संतों की माँग है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस मामले में स्वतंत्र जाँच का आदेश दे और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या RSS का राम मंदिर ट्रस्ट के आंतरिक मामलों पर बोलना असामान्य है?
RSS के सरकार्यवाह स्तर के नेता का राम मंदिर ट्रस्ट की कथित आंतरिक अनियमितताओं पर सार्वजनिक बयान देना उल्लेखनीय माना जा रहा है। यह संकेत देता है कि संघ परिवार के भीतर भी ट्रस्ट के प्रशासन में पारदर्शिता को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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