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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर आरएसएस का आगाह: हिंदुओं को बांटने की साजिश नाकाम करें, दोषियों को कड़ी सजा मिले

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर आरएसएस का आगाह: हिंदुओं को बांटने की साजिश नाकाम करें, दोषियों को कड़ी सजा मिले

सारांश

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना ने करोड़ों रामभक्तों को झकझोर दिया है — और अब आरएसएस ने सीधे मैदान में उतरकर हिंदुओं को बांटने की साजिशों के प्रति आगाह किया है। महासचिव होसबोले ने दोषियों को कड़ी सजा और ट्रस्ट में पारदर्शिता की माँग की है।

मुख्य बातें

आरएसएस ने 3 जुलाई 2025 को हिंदू समुदाय से संयम बरतने और राष्ट्र-विरोधी ताकतों के बहकावे में न आने की अपील की।
महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर में चढ़ावा चोरी ने रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।
होसबोले ने दोषियों को कड़ी सजा और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शी व्यवस्था की माँग की।
आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस कृत्य को 'महापाप' बताते हुए कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 4 जुलाई 2025 को हिंदू समुदाय से अपील की कि वह अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना का उपयोग धर्म और समाज को बदनाम करने के लिए करने वाली राष्ट्र-विरोधी ताकतों के बहकावे में न आए। संघ ने स्पष्ट किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

महासचिव होसबोले का बयान

आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने एक औपचारिक बयान जारी करते हुए कहा, 'अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के दान पात्रों में जमा धनराशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समुदाय और रामभक्तों की भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाई है। हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं।' होसबोले ने हिंदुओं से इस कठिन समय में एकजुट रहने का आह्वान किया ताकि हिंदू-विरोधी ताकतों की साजिशों को नाकाम किया जा सके।

जांच और कानूनी कार्रवाई

होसबोले ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा, 'यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिले।' संघ ने स्पष्ट किया कि भ्रम और अनिश्चितता की मौजूदा स्थिति शीघ्र समाप्त होनी चाहिए।

ट्रस्ट से पारदर्शिता की माँग

होसबोले ने उम्मीद जताई कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस घटना को असाधारण मानते हुए प्रबंधन और कामकाज में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को उचित वित्तीय प्रबंधन, त्रुटिहीन और पारदर्शी प्रणालियों तथा पवित्रता से भरे माहौल के जरिए लाखों रामभक्तों की आस्था और विश्वास को बनाए रखना होगा। गौरतलब है कि राम मंदिर का उद्घाटन जनवरी 2024 में हुआ था और तब से यह देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है।

आध्यात्मिक जगत की प्रतिक्रिया

आरएसएस से पहले, आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की कड़ी निंदा की थी और इस कृत्य को 'महापाप' बताया था। उन्होंने लोगों से चल रही जांच और देश की कानूनी व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के रामभक्तों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।

आगे क्या होगा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की जांच जारी है और संघ ने स्पष्ट किया है कि वह न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखता है। आरएसएस ने हिंदू समुदाय से आग्रह किया है कि वह संयम बरते और किसी भी उकसावे में न आए, ताकि इस घटना का राजनीतिक या सामाजिक दुरुपयोग रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित राजनीतिक संदेश है — संघ नहीं चाहता कि यह घटना हिंदू समाज में आंतरिक दरारें पैदा करे या विपक्षी ताकतों को मंदिर ट्रस्ट की साख पर हमले का अवसर मिले। लेकिन असली सवाल यह है कि जनवरी 2024 में उद्घाटन के डेढ़ साल बाद भी राम मंदिर में वित्तीय निगरानी की ऐसी चूक कैसे संभव हुई। ट्रस्ट से पारदर्शिता की माँग स्वागतयोग्य है, परंतु बिना स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक जवाबदेही के यह महज आश्वासन बनकर रह जाएगी। SIT की जांच के नतीजे और ट्रस्ट द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदम ही तय करेंगे कि रामभक्तों का विश्वास बहाल होता है या यह घटना एक लंबे विवाद की शुरुआत बनती है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला क्या है?
अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर के दान पात्रों में जमा धनराशि की चोरी की घटना सामने आई है, जिसने देशभर के रामभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।
आरएसएस ने इस मामले पर क्या कहा?
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने हिंदू समुदाय से संयम बरतने और राष्ट्र-विरोधी ताकतों के बहकावे में न आने की अपील की। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की माँग की।
SIT जांच में अब तक क्या हुआ है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल गठित किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच अभी जारी है और आरएसएस ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना पर क्या कहा?
आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को 'महापाप' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने लोगों से चल रही जांच और देश की कानूनी व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की अपील की।
आरएसएस ने हिंदुओं को किन ताकतों से आगाह किया?
आरएसएस ने हिंदू समुदाय को उन राष्ट्र-विरोधी और हिंदू-विरोधी ताकतों से आगाह किया जो इस घटना का उपयोग धर्म और समाज को बदनाम करने तथा हिंदुओं को आपस में बांटने के लिए कर सकती हैं। संघ ने कहा कि ऐसी साजिशों को नाकाम करने के लिए एकजुट रहना जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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