राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर आरएसएस का आगाह: हिंदुओं को बांटने की साजिश नाकाम करें, दोषियों को कड़ी सजा मिले
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 4 जुलाई 2025 को हिंदू समुदाय से अपील की कि वह अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना का उपयोग धर्म और समाज को बदनाम करने के लिए करने वाली राष्ट्र-विरोधी ताकतों के बहकावे में न आए। संघ ने स्पष्ट किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
महासचिव होसबोले का बयान
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने एक औपचारिक बयान जारी करते हुए कहा, 'अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के दान पात्रों में जमा धनराशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समुदाय और रामभक्तों की भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाई है। हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं।' होसबोले ने हिंदुओं से इस कठिन समय में एकजुट रहने का आह्वान किया ताकि हिंदू-विरोधी ताकतों की साजिशों को नाकाम किया जा सके।
जांच और कानूनी कार्रवाई
होसबोले ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा, 'यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिले।' संघ ने स्पष्ट किया कि भ्रम और अनिश्चितता की मौजूदा स्थिति शीघ्र समाप्त होनी चाहिए।
ट्रस्ट से पारदर्शिता की माँग
होसबोले ने उम्मीद जताई कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस घटना को असाधारण मानते हुए प्रबंधन और कामकाज में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को उचित वित्तीय प्रबंधन, त्रुटिहीन और पारदर्शी प्रणालियों तथा पवित्रता से भरे माहौल के जरिए लाखों रामभक्तों की आस्था और विश्वास को बनाए रखना होगा। गौरतलब है कि राम मंदिर का उद्घाटन जनवरी 2024 में हुआ था और तब से यह देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है।
आध्यात्मिक जगत की प्रतिक्रिया
आरएसएस से पहले, आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की कड़ी निंदा की थी और इस कृत्य को 'महापाप' बताया था। उन्होंने लोगों से चल रही जांच और देश की कानूनी व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के रामभक्तों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।
आगे क्या होगा
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की जांच जारी है और संघ ने स्पष्ट किया है कि वह न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखता है। आरएसएस ने हिंदू समुदाय से आग्रह किया है कि वह संयम बरते और किसी भी उकसावे में न आए, ताकि इस घटना का राजनीतिक या सामाजिक दुरुपयोग रोका जा सके।