राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट की नई एसआईटी पर महंत भक्तचरण दास बोले — 'अब सच सामने आएगा'
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने एक नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए धार्मिक गुरु महंत भक्तचरण दास महाराज ने 26 जुलाई को नासिक में कहा कि नई एसआईटी के गठन के बाद जाँच में पूरी पारदर्शिता आएगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलेगा।
सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश और नई एसआईटी
सर्वोच्च न्यायालय में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नए अधिकारियों को जाँच की जिम्मेदारी सौंपते हुए एक नई एसआईटी बनाने का आदेश दिया। महंत भक्तचरण दास महाराज ने कहा, 'नए अधिकारियों को जाँच की जिम्मेदारी दी गई है। मुझे ऐसा लगता है कि इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी होगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला धार्मिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और इसमें सर्वोच्च न्यायालय, संबंधित अधिकारी तथा मुख्यमंत्री स्तर पर आवश्यक विचार-विमर्श होना चाहिए।
ट्रस्ट में संतों की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया
महंत भक्तचरण दास महाराज ने बताया कि राम मंदिर में धार्मिक कार्यों के संचालन के लिए अनुभवी महात्माओं और संतों को ट्रस्ट में नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस निर्णय के लिए ट्रस्ट की सराहना की और कहा कि इससे मंदिर की धार्मिक परंपराएँ सुदृढ़ होंगी।
गौरतलब है कि यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब मंदिर के दान-पात्र से चढ़ावे की अनियमितता की शिकायतें सामने आईं। कथित तौर पर इस मामले में कई लोगों पर संदेह जताया गया था, जिसके बाद न्यायालय ने स्वतंत्र जाँच को आवश्यक माना।
नासिक कुंभ 2027 की तैयारियाँ
महाराष्ट्र के नासिक में 2027 में कुंभ मेले का आयोजन प्रस्तावित है। महंत भक्तचरण दास महाराज ने बताया कि कपिलधारा स्वर्गाश्रम ट्रस्ट प्रत्येक कुंभ मेले में साधु-संतों और अखाड़ों के सदस्यों को आमंत्रित कर पर्व स्नान कराता है।
उन्होंने जानकारी दी कि तीनों अखाड़ों की ओर से 27 अगस्त को पर्व स्नान के लिए फलाहारी बाबा को सूचित किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य के मंत्री छगन भुजबल के साथ हुई बैठक में आश्वासन दिया गया कि मेला आरंभ होने से पूर्व सभी अपूर्ण कार्य पूरे कर लिए जाएँगे।
कुंभ मेले का कार्यक्रम और सरकारी सहयोग
आयोजन कार्यक्रम के अनुसार, कुंभ मेले की शुरुआत 2026 के अंतिम महीनों में होगी, मुख्य धार्मिक अनुष्ठान और अमृत स्नान 2027 में संपन्न होंगे, तथा मेले का समापन 24 जुलाई 2028 को होगा।
महंत भक्तचरण दास महाराज ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस स्थल के विकास और यहाँ आने वाले साधु-संतों की व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दे रही है। शासन और प्रशासन दोनों स्तरों पर तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।