प्रबोवो ने की PM मोदी की तारीफ: 'आपकी योजनाओं पर कॉपीराइट नहीं, इसलिए कॉपी करता हूं'
सारांश
मुख्य बातें
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 7 जुलाई को जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में भारत की विकास नीतियों की खुलकर प्रशंसा की और स्वीकार किया कि वे मोदी सरकार की कई योजनाओं को इंडोनेशिया में लागू कर रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी पर हॉल तालियों से गूंज उठा।
राष्ट्रपति प्रबोवो का बयान
राष्ट्रपति प्रबोवो ने राजकीय भोज में कहा, 'मैंने आपके राजनीतिक सफर को फॉलो किया है और आपकी कई योजनाओं की नकल भी करता हूं। अगर वही योजनाएं करोड़ों लोगों के लिए सफल रही हैं, जिनकी चुनौतियां हमारी तरह हैं, तो उन्हें अपनाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।' इसके बाद मुस्कुराते हुए उन्होंने जोड़ा, 'मुझे खुशी है कि आपकी योजनाओं पर कोई कॉपीराइट नहीं है — इसलिए मैं आपकी कई योजनाओं की कॉपी करता हूं। हम जो अच्छा है, उसे अपनाने में बिल्कुल संकोच नहीं करते।' इस टिप्पणी पर प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी अतिथि खिलखिलाकर हंस पड़े।
समान चुनौतियाँ, भारत से प्रेरणा
प्रबोवो ने रेखांकित किया कि भारत और इंडोनेशिया दोनों देश बड़ी आबादी, कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक आपदाओं जैसी समान चुनौतियों का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि इन समानताओं के बावजूद भारत ने जो उल्लेखनीय प्रगति की है, वह इंडोनेशिया के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शक है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में इंडोनेशिया का एक प्रतिनिधिमंडल भारत में दो से तीन सप्ताह के अध्ययन दौरे पर आया था, जिसमें शुष्क भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने की भारतीय तकनीकों — विशेष रूप से परमाकल्चर मॉडल — का अध्ययन किया गया। प्रबोवो ने कहा, 'हम इन तरीकों का गंभीरता से अध्ययन कर रहे हैं। हमें भारत से बहुत कुछ सीखना है और सीखने में हमें कोई संकोच नहीं है।'
मोदी का इंडोनेशिया दौरा
प्रधानमंत्री मोदी इंडो-पैसिफिक मिशन के तहत सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर जकार्ता पहुँचे थे। राष्ट्रपति प्रबोवो ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौतों पर सहमति बनी।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान — 'बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' — से भी नवाजा गया। यह सम्मान इंडोनेशिया के साथ भारत के गहराते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों का संदर्भ
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और मजबूत कर रहा है तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ विस्तारित कर रहा है। इंडोनेशिया, जो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और कूटनीतिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। प्रबोवो का यह सार्वजनिक बयान दोनों देशों के बीच नीतिगत सहयोग की नई संभावनाओं को रेखांकित करता है।