नशा मुक्त मोतिहारी अभियान: दो वर्षों में ₹52.66 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, 669 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी पुलिस ने 'नशा मुक्त मोतिहारी' अभियान के तहत पिछले दो वर्षों में मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान 531 मामले दर्ज किए गए, 669 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और जब्त मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत ₹52.66 करोड़ आंकी गई है।
मुख्य बरामदगी के आंकड़े
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, दो वर्षों की इस कार्रवाई में सबसे अधिक मात्रा में 8,967.024 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके अलावा 117.7094 किलोग्राम चरस, 52.516 किलोग्राम अफीम, 22.379 किलोग्राम स्मैक और 2.6835 किलोग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई। पुलिस ने 760 ग्राम हशीश और 400.3 ग्राम हेरोइन भी बरामद की है।
उल्लेखनीय है कि इन मामलों में अब तक 100 आरोपियों को न्यायालय से सजा भी दिलाई जा चुकी है, जो पुलिस की अनुसंधान गुणवत्ता की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सीमावर्ती जिले की विशेष चुनौती
पूर्वी चंपारण एक सीमावर्ती जिला है, जिसके कारण यहाँ मादक पदार्थों की तस्करी रोकना पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती रही है। पुलिस के अनुसार, तस्करी नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। जिले में विशेष निगरानी, सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने का काम भी जारी है।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और तस्करी के पूरे नेटवर्क को चिह्नित कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावी अनुसंधान के ज़रिए आरोपियों को न्यायालय से दंडित कराना भी प्राथमिकता में शामिल है। इसी दिशा में दर्ज मामलों की निरंतर निगरानी की जा रही है।
आम जनता से अपील
मोतिहारी पुलिस ने नागरिकों से नशे के विरुद्ध जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और एक सुरक्षित, नशामुक्त सामाजिक वातावरण तैयार करना है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार पहले से ही राज्यव्यापी शराबबंदी लागू कर चुकी है और मादक पदार्थों के विरुद्ध समग्र नीति के तहत ज़िला-स्तरीय अभियान चलाए जा रहे हैं। मोतिहारी पुलिस की यह कार्रवाई उस व्यापक ढाँचे का हिस्सा है। आने वाले समय में नशा तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध और कड़ी कार्रवाई अपेक्षित है।