राजकुमार कोहली जन्मदिन: 'नागिन' से 'जानी दुश्मन' तक, मल्टीस्टारर फिल्मों के उस्ताद का अनूठा सफर
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्माता-निर्देशक राजकुमार कोहली का जन्म 14 सितंबर 1930 को हुआ था। अपने चार दशक लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने मल्टीस्टारर फिल्मों की एक अलग परंपरा खड़ी की, जिसमें सुनील दत्त, धर्मेंद्र, जीतेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, रेखा, रीना रॉय और नीतू सिंह जैसे बड़े नाम एक साथ पर्दे पर उतरते थे। उनकी फिल्में हॉरर, एक्शन और पारिवारिक कहानियों का अनूठा संगम हुआ करती थीं।
शुरुआती सफर: पंजाबी फिल्मों से हिंदी सिनेमा तक
राजकुमार कोहली ने 1960 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। 1963 में उन्होंने पंजाबी फिल्म 'सपनी' बनाई, जो उनके निर्देशकीय सफर की पहली बड़ी पहचान बनी। इसके बाद 1965 में 'लुटेरा' और 1966 में पंजाबी फिल्म 'दुल्ला भट्टी' उनके शुरुआती काम की नींव रही। धीरे-धीरे उनका ध्यान हिंदी सिनेमा की मल्टीस्टारर दुनिया की ओर केंद्रित होता गया।
उस दौर में एक ही परदे पर कई बड़े नामों को देखना दर्शकों के लिए बड़ा आकर्षण होता था। कोहली ने इस ट्रेंड को अपनी फिल्मी सोच का केंद्र बनाया और सभी कलाकारों को कहानी में सार्थक जगह देने का हुनर विकसित किया — यही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी।
'नागिन': करियर को मिली नई ऊँचाई
1976 में आई 'नागिन' राजकुमार कोहली के करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई। फिल्म में रीना रॉय के साथ सुनील दत्त, फिरोज खान, संजय खान, रेखा, मुमताज और कबीर बेदी जैसे दिग्गज कलाकार एक साथ नजर आए। नाग-नागिन की पौराणिक पृष्ठभूमि पर बुनी गई इस रहस्य और बदले की कहानी ने उस दौर में दर्शकों को खूब लुभाया।
'नागिन' के लिए कोहली को फिल्मफेयर बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड की श्रेणी में नामांकन मिला। हालाँकि पुरस्कार उनके हाथ नहीं आया, फिर भी इस नामांकन ने उन्हें हिंदी सिनेमा के शीर्ष निर्देशकों की कतार में स्थापित कर दिया।
'जानी दुश्मन' और हॉरर का बादशाह
1979 में 'जानी दुश्मन' ने राजकुमार कोहली की पहचान को और पुख्ता किया। इस हॉरर-मल्टीस्टारर में सुनील दत्त, संजीव कुमार, जीतेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद मेहरा, रीना रॉय, रेखा, नीतू सिंह और बिंदिया गोस्वामी एक साथ दिखे। फिल्म की कहानी एक रहस्यमय राक्षस के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जो लाल विवाह परिधान धारण करने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था।
गौरतलब है कि इतने विशाल स्टार कास्ट को एक कथासूत्र में पिरोना उस जमाने में भी आसान काम नहीं था, लेकिन कोहली इसे बार-बार सफलतापूर्वक करने में सक्षम रहे।
विविध फिल्में और बेटे अरमान की लॉन्चिंग
अपने लंबे करियर में राजकुमार कोहली ने 'बदले की आग', 'नौकर बीवी का', 'राज तिलक', 'जीने नहीं दूंगा', 'इंसानियत के दुश्मन', 'इंतकाम', 'बीस साल बाद' और 'पति पत्नी और तवायफ' जैसी फिल्मों के ज़रिए विविध विषयों को पर्दे पर उतारा। 'बीस साल बाद' में मिथुन चक्रवर्ती, डिंपल कपाड़िया, मीनाक्षी शेषाद्री और विनोद मेहरा जैसे कलाकार थे।
1992 में उन्होंने अपने बेटे अरमान कोहली को फिल्म 'विरोधी' के ज़रिए हिंदी सिनेमा में लॉन्च किया। इसके बाद 'औलाद के दुश्मन' और 'कहर' में भी पिता-पुत्र ने साथ काम किया।
अंतिम फिल्म और विरासत
2002 में राजकुमार कोहली ने 'जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी' से निर्देशन में वापसी की — यह उनकी अंतिम निर्देशित फिल्म रही। इसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सनी देओल, मनीषा कोइराला, सोनू निगम और अरमान कोहली समेत तारों की लंबी फेहरिस्त थी। हालाँकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं पा सकी।
24 नवंबर 2023 को 93 वर्ष की आयु में राजकुमार कोहली का निधन हो गया। मल्टीस्टारर फिल्मों की जो परंपरा उन्होंने खड़ी की, वह हिंदी सिनेमा के इतिहास का एक अमिट अध्याय है — और उनकी फिल्में आज भी पुराने सिनेमा प्रेमियों की यादों में ज़िंदा हैं।