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नशा मुक्त कोसी अभियान: तीन माह में 1115 गिरफ्तार, 41 हज़ार लीटर शराब और 2202 किलो गांजा बरामद

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नशा मुक्त कोसी अभियान: तीन माह में 1115 गिरफ्तार, 41 हज़ार लीटर शराब और 2202 किलो गांजा बरामद

सारांश

बिहार के कोसी क्षेत्र में नशा मुक्त अभियान ने रफ्तार पकड़ी है। DIG डॉ. कुमार आशीष की अगुवाई में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा में तीन माह में 1115 गिरफ्तारियाँ, 41 हज़ार लीटर शराब और 2202 किलो गांजा बरामद। नेपाली मुद्रा की ज़ब्ती ने सीमापार तस्करी नेटवर्क की आशंका को भी हवा दी है।

मुख्य बातें

कोसी प्रक्षेत्र में तीन माह में 1115 आरोपी गिरफ्तार।
41,000 लीटर से अधिक शराब और 2202 किलो गांजा बरामद।
3636.57 ग्राम स्मैक, 1,467.12 बोतल कोडीन सिरप भी ज़ब्त।
1.85 लाख भारतीय रुपए और 27,570 नेपाली रुपए ज़ब्त, सीमापार लिंक की आशंका।
कुमार आशीष ने हेल्पलाइन 9060384865 जारी की; सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रहेगी।

बिहार के कोसी क्षेत्र में चल रहे नशा मुक्त अभियान के तहत पुलिस ने पिछले तीन माह में 1115 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) डॉ. कुमार आशीष के नेतृत्व में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा ज़िलों में नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के विरुद्ध सघन कार्रवाई जारी है, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी सफलता मिली है।

मुख्य बरामदगी का ब्योरा

DIG कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवधि में पुलिस ने आरोपियों से 41 हज़ार लीटर से अधिक शराब, 2202 किलो से अधिक गांजा, 3636.57 ग्राम स्मैक, 2936 मिलीग्राम नशीले इंजेक्शन, 120 नशीली टैबलेट और 1,467.12 बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद किया है।

इसके साथ ही 1.85 लाख रुपए से अधिक भारतीय मुद्रा और 27,570 नेपाली रुपए भी ज़ब्त किए गए हैं। नेपाली मुद्रा की बरामदगी सीमावर्ती क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की आशंका की ओर संकेत करती है।

DIG की कड़ी चेतावनी

DIG डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि लगातार हो रही कार्रवाई से शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त अपराधियों में भय का माहौल बना है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोग इस अवैध धंधे को छोड़ दें, अन्यथा उनके विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता से सहयोग की अपील

DIG ने आम लोगों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए हेल्पलाइन नंबर 9060384865 जारी किया है, जिस पर कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी जा सकती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

उपयोगी सूचना के आधार पर बड़ी बरामदगी होने पर सूचना देने वाले को पुरस्कृत भी किया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, और कोसी क्षेत्र नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तस्करी के लिहाज़ से संवेदनशील माना जाता रहा है।

क्या होगा आगे

DIG ने कहा कि कोसी क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह अभियान आगे और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखा जाएगा। आने वाले महीनों में सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और तेज़ की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये कार्रवाइयाँ बड़े तस्करों तक पहुँच रही हैं या केवल छोटे वाहकों और उपभोक्ताओं तक सीमित हैं। बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है, फिर भी कोसी जैसे नेपाल-सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध आपूर्ति कायम है — जो नीति और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई दर्शाती है। नेपाली मुद्रा की ज़ब्ती अंतरराष्ट्रीय कड़ी की ओर इशारा करती है, जिसकी जाँच केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय के बिना अधूरी रहेगी। दीर्घकालिक सफलता का पैमाना गिरफ्तारियों की संख्या नहीं, बल्कि नशे की लत के पुनर्वास और सप्लाई-चेन के मूल पर प्रहार होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नशा मुक्त कोसी अभियान क्या है?
यह बिहार के कोसी प्रक्षेत्र में चलाया जा रहा एक विशेष पुलिस अभियान है, जिसका उद्देश्य सहरसा, सुपौल और मधेपुरा ज़िलों में नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन पर रोक लगाना है। DIG डॉ. कुमार आशीष के नेतृत्व में पिछले तीन माह में 1115 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
अभियान में अब तक कितनी और क्या-क्या बरामदगी हुई है?
तीन माह में 41 हज़ार लीटर से अधिक शराब, 2202 किलो से अधिक गांजा, 3636.57 ग्राम स्मैक, 2936 मिलीग्राम नशीले इंजेक्शन, 120 नशीली टैबलेट और 1467.12 बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद किया गया है। साथ ही 1.85 लाख रुपए भारतीय और 27,570 नेपाली रुपए ज़ब्त किए गए हैं।
आम जनता नशे की सूचना कहाँ दे सकती है?
DIG कार्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 9060384865 जारी किया है, जिस पर कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और बड़ी बरामदगी पर पुरस्कार भी दिया जाएगा।
कोसी क्षेत्र नशे के कारोबार के लिए संवेदनशील क्यों है?
कोसी क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है, जिससे यह सीमापार तस्करी के लिए संवेदनशील बना रहता है। बरामद नेपाली मुद्रा इस अंतरराष्ट्रीय कड़ी की पुष्टि करती है, जबकि बिहार में 2016 से लागू शराबबंदी के कारण अवैध आपूर्ति की माँग भी बनी रहती है।
पुलिस की आगे की रणनीति क्या है?
DIG डॉ. कुमार आशीष के अनुसार पुलिस कोसी क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखा जाएगा। नशा कारोबारियों को इस अवैध धंधे को छोड़ने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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