भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मजबूत: CDS जनरल चौहान ने US हिंद-प्रशांत कमांड से की अहम बातचीत
सारांश
Key Takeaways
- CDS जनरल अनिल चौहान ने 25 अप्रैल को जनरल केविन बी. श्नाइडर, US हिंद-प्रशांत कमांड के एयर कंपोनेंट कमांडर से महत्वपूर्ण वार्ता की।
- दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
- द्विपक्षीय और ट्राई-सर्विस एंगेजमेंट को और व्यापक व नियमित बनाने पर स्पष्ट सहमति बनी।
- इसी सप्ताह जनरल चौहान ने ब्रिटेन के CDS एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन से भी मुलाकात कर रक्षा सहयोग को मजबूत किया।
- जनरल चौहान ने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (RCDS) में 'सैन्य रणनीति पर हालिया संघर्षों का प्रभाव' विषय पर संबोधन दिया।
- यह कूटनीतिक सक्रियता भारत की बहु-धुरी रक्षा रणनीति और हिंद-प्रशांत में उसकी केंद्रीय भूमिका को दर्शाती है।
वाशिंगटन, 25 अप्रैल। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा एवं रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमांड (US Indo-Pacific Command) के वरिष्ठ अधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की। इस वार्ता में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया गया।
जनरल चौहान और जनरल श्नाइडर के बीच अहम वार्ता
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने पैसिफिक एयर फोर्स के कमांडर और US हिंद-प्रशांत कमांड के एयर कंपोनेंट कमांडर जनरल केविन बी. श्नाइडर से सीधी बातचीत की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा में अपनी साझा प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया और हिंद-प्रशांत एवं उससे परे के क्षेत्रों में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराया।
हेडक्वार्टर ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने शनिवार, 25 अप्रैल को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर इस बैठक की जानकारी साझा की। आधिकारिक पोस्ट में कहा गया कि इस वार्ता ने भारत और अमेरिका के बीच गहराते रणनीतिक तालमेल को और पुख्ता किया।
द्विपक्षीय और त्रि-सेवा सहयोग विस्तार का संकल्प
बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय (Bilateral) और ट्राई-सर्विस एंगेजमेंट की व्यापकता, जटिलता और आवृत्ति को बढ़ाने पर स्पष्ट सहमति जताई। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के अनुसार, यह साझेदारी तकनीक को आधुनिक शक्ति का केंद्रीय तत्व मानते हुए बेहतर तालमेल, उन्नत क्षमताओं और दीर्घकालिक रणनीतिक दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से प्रगाढ़ हुए हैं। दोनों देश क्वाड (QUAD) ढांचे के तहत भी मिलकर काम करते हैं, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता के मद्देनजर यह वार्ता विशेष रणनीतिक महत्व रखती है।
ब्रिटेन दौरे में भी जनरल चौहान ने की अहम बैठकें
इसी सप्ताह सीडीएस जनरल चौहान ने ब्रिटेन का आधिकारिक दौरा किया, जहाँ उन्होंने यूके के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन से मुलाकात की। इस बैठक में भारत और ब्रिटेन ने वैश्विक व्यापार असंतुलन से लेकर उभरते साइबर खतरों तक की समकालीन चुनौतियों का सामूहिक रूप से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता जताई।
इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह दौरा रक्षा सहयोग और रणनीतिक एकजुटता को मजबूत करेगा, जो वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और संकट से उबरने की क्षमता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में संबोधन
ब्रिटेन यात्रा के दौरान जनरल चौहान ने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (RCDS) के कमांडेंट और फैकल्टी से विस्तृत संवाद किया। उन्होंने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, उभरते रुझानों और उनके रणनीतिक निहितार्थों पर गहन चर्चा की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'सैन्य रणनीति पर हालिया संघर्षों का प्रभाव' विषय पर शीर्ष समूह को संबोधित किया। इसमें उन्होंने संघर्षों की बदलती प्रकृति, भारत की रणनीतिक चुनौतियों और एक स्थिर व सुरक्षित वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में भारत की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया।
रणनीतिक महत्व और आगे की राह
जनरल चौहान की यह कूटनीतिक सक्रियता — पहले ब्रिटेन और अब अमेरिका के साथ — यह स्पष्ट संकेत देती है कि भारत अपनी रक्षा साझेदारियों को बहुआयामी और बहुस्तरीय बना रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की केंद्रीय भूमिका को वैश्विक शक्तियाँ स्वीकार कर रही हैं और भारत इस अवसर का सामरिक लाभ उठाने में जुटा है।
आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास और तकनीकी सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है, जो इस क्षेत्र की सुरक्षा संरचना को और मजबूत करेंगे।