ग्रेटर नोएडा: एसटीपी टैंक सफाई के दौरान जहरीली गैस से सफाईकर्मी शशिकांत और गार्ड आकाश की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 26 जुलाई की देर रात सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसाइटी में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से सफाईकर्मी शशिकांत शर्मा और सिक्योरिटी गार्ड आकाश की मौत हो गई। दोनों टैंक के भीतर बेहोश हो गए और अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई दोहरी त्रासदी
नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एल्डिको सोसाइटी में शशिकांत शर्मा एसटीपी टैंक के भीतर उतरकर सफाई कर रहे थे। टैंक में मौजूद जहरीली गैसों के कारण वे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने के इरादे से सिक्योरिटी गार्ड आकाश टैंक में उतरा, लेकिन वह भी उन्हीं गैसों की चपेट में आकर बेहोश हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को तत्काल सूचित किया गया और मौके पर फायर टीम बुलाई गई। दमकलकर्मियों ने दोनों को टैंक से बाहर निकाला और नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सोसाइटी में पहले भी हो चुकी है बच्चे की मौत
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब इसी नॉलेज पार्क इलाके में स्थित कला धाम सोसाइटी में हाल ही में एक और दुखद घटना हुई थी। केंद्रीय विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल सिवान यादव के 6 वर्षीय बेटे अव्यान सूर्य की बोरवेल खुदाई के लिए बनाए गए लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। हाल की बारिश के बाद वह गड्ढा पानी से भर गया था और अव्यान अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए उसमें गिर गया। स्थानीय लोगों ने उसे बचाकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।
उस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित कॉन्ट्रैक्टर और दो साइट सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और दोनों की सेवाएँ समाप्त कर दीं। आरोपी कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
पुलिस की कार्रवाई
एसटीपी टैंक हादसे में नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मामले में अग्रिम जाँच जारी है।
आम जनता और सोसाइटी निवासियों पर असर
गौरतलब है कि सीमित सुरक्षा उपकरणों के साथ एसटीपी टैंकों की सफाई कराना देशभर में सफाईकर्मियों की जान के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद इस तरह की घटनाएँ आवासीय सोसाइटियों में लगातार सामने आ रही हैं। ग्रेटर नोएडा में कुछ ही समय में दो अलग-अलग हादसों में तीन जानें जाने से स्थानीय निवासियों और निर्माण-स्थल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि एसटीपी टैंक हादसे में जिम्मेदारी तय करने के लिए जाँच की जा रही है। दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई अपेक्षित है।