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नोएडा: सीवर में उतरे सफाईकर्मी शिवा की दम घुटने से मौत, नोएडा अथॉरिटी के कार्य के दौरान हादसा

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नोएडा: सीवर में उतरे सफाईकर्मी शिवा की दम घुटने से मौत, नोएडा अथॉरिटी के कार्य के दौरान हादसा

सारांश

नोएडा के ग्राम गेझा में नोएडा अथॉरिटी के सीवर सफाई कार्य के दौरान सफाईकर्मी शिवा की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस और फायर सर्विस ने रेस्क्यू किया, लेकिन अस्पताल में उसे बचाया नहीं जा सका। सुरक्षा मानकों के पालन की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

14 जुलाई को नोएडा के ग्राम गेझा में सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मी शिवा की मौत हो गई।
हादसा नोएडा अथॉरिटी की ओर से कराए जा रहे सीवर सफाई कार्य के दौरान हुआ।
प्रारंभिक आशंका है कि सीवर के भीतर जहरीली गैस के कारण दम घुटा; आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
थाना फेस-2 पुलिस और फायर सर्विस ने रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन अस्पताल में सफाईकर्मी को बचाया नहीं जा सका।
जाँच में सुरक्षा मानकों के पालन और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की जाएगी।

नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र के ग्राम गेझा में 14 जुलाई को सीवर सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की सीवर के भीतर दम घुटने से मौत हो गई। नोएडा अथॉरिटी की ओर से कराए जा रहे इस सफाई कार्य में शिवा नामक सफाईकर्मी सीवर के अंदर उतरा था और काफी देर तक बाहर नहीं आया, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान चलाया गया — लेकिन अस्पताल में उसे बचाया नहीं जा सका।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

14 जुलाई को ग्राम गेझा स्थित सीवर लाइन की सफाई का कार्य नोएडा अथॉरिटी की देखरेख में चल रहा था। सफाईकर्मी शिवा सीवर के अंदर सफाई के लिए उतरा, लेकिन लंबे समय तक बाहर नहीं लौटा। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

रेस्क्यू अभियान और उपचार

सूचना मिलते ही थाना फेस-2 पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची। टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर शिवा को सीवर से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल भेजा। हालाँकि, चिकित्सकों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों का बुरा हाल बताया जा रहा है।

जाँच और पोस्टमार्टम

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय सीवर के भीतर जहरीली गैस होने की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

जाँच में यह भी देखा जाएगा कि सीवर सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, और सफाईकर्मी को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। गौरतलब है कि देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग और असुरक्षित सीवर सफाई के कारण होने वाली मौतें एक गंभीर और लंबे समय से चली आ रही समस्या है। यह मामला एक बार फिर सफाईकर्मियों की सुरक्षा और जवाबदेही के सवाल को केंद्र में ला देता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर नोएडा अथॉरिटी तथा संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच के आदेश के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। नोएडा अथॉरिटी जैसी सुव्यवस्थित नगरीय संस्था में यदि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और मानकों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं, तो यह केवल एक स्थानीय चूक नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलता का संकेत है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के नतीजे ठेकेदार व अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में निर्णायक होंगे।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा के ग्राम गेझा में सफाईकर्मी की मौत कैसे हुई?
14 जुलाई को नोएडा अथॉरिटी के सीवर सफाई कार्य के दौरान सफाईकर्मी शिवा सीवर के अंदर उतरा और लंबे समय तक बाहर नहीं आया। रेस्क्यू के बाद अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक आशंका जहरीली गैस से दम घुटने की है।
क्या नोएडा अथॉरिटी इस हादसे के लिए जिम्मेदार है?
पुलिस जाँच में यह देखा जाएगा कि नोएडा अथॉरिटी और संबंधित ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों का पालन किया था या नहीं और सफाईकर्मी को जरूरी उपकरण दिए गए थे या नहीं। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी तय होगी।
मौत का असली कारण कब पता चलेगा?
अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस हादसे में पुलिस और फायर सर्विस ने क्या कार्रवाई की?
सूचना मिलते ही थाना फेस-2 पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान चलाकर शिवा को सीवर से बाहर निकाला। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया।
सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की सुरक्षा के क्या नियम हैं?
भारत में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत सफाईकर्मियों को ऑक्सीजन मास्क, सेफ्टी हार्नेस और गैस डिटेक्टर जैसे उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इस मामले में जाँच में यही देखा जाएगा कि इन मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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