चेन्नई के सोवकारपेट में कुएं की सफाई के दौरान जहरीली गैस से पिता-पुत्र की मौत
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई के सोवकारपेट इलाके में बुधवार, 26 अगस्त को एक दर्दनाक हादसे में कुएं की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 55 वर्षीय रवि और उनके 25 वर्षीय बेटे अय्यनार की मौत हो गई। दोनों मृतक तिरुवन्नमलाई जिले के निवासी थे और एक स्थानीय व्यवसायी के घर कुआं साफ करने का काम कर रहे थे।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दुर्घटना
पुलिस के अनुसार, सोवकारपेट निवासी व्यवसायी प्रशांत ने रवि और अय्यनार को अपने घर के कुएं की सफाई और गाद निकालने के लिए काम पर रखा था। रवि एक अस्थायी सीढ़ी के ज़रिए कुएं में उतरे और तलहटी में जमा गाद हटाने लगे। कुछ ही देर में कम हवादार वातावरण में जमा जहरीली गैस की चपेट में आने से वे बेहोश होकर पानी में गिर पड़े।
कुएं के बाहर खड़े अय्यनार ने जब अपने पिता को गिरते देखा तो वे तुरंत उन्हें बचाने के लिए नीचे उतरे। लेकिन रवि को बाहर निकालने से पहले ही वे भी उसी जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए।
बचाव अभियान
घर में मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवा को सूचना दी। बचाव दल मौके पर पहुँचा और खतरनाक गैसों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपकरण पहनकर कुएं में उतरा। दोनों को बाहर निकालकर एम्बुलेंस से राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल, चेन्नई ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जाँच और कानूनी कार्रवाई
एलिफेंट गेट पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। जाँचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि कुएं में उतरने से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं। मकान मालिक प्रशांत और घटना के समय मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है।
पुलिस को संदेह है कि खराब वेंटिलेशन के कारण कुएं के अंदर जहरीली गैस जमा हो गई थी, हालाँकि गैस की सटीक प्रकृति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि के लिए दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह घटना सीमित-वेंटिलेशन वाले स्थानों — जैसे कुओं, सेप्टिक टैंकों और मैनहोल — में काम करने से पहले अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।