शनचन पोर्ट पर विदेशी यात्रियों की रिकॉर्ड आवाजाही, APEC सम्मेलन से पहले 50 लाख पार
सारांश
मुख्य बातें
शनचन के विभिन्न सीमा पोर्टों पर विदेशी यात्रियों की आवाजाही ने 2025 के मुकाबले 58 दिन पहले 50 लाख का आँकड़ा पार कर लिया है। एपेक नेताओं के 33वें अनौपचारिक सम्मेलन की उलटी गिनती शुरू होते ही चीन के इस प्रमुख बंदरगाह शहर में अंतरराष्ट्रीय यात्रा गतिविधि में उल्लेखनीय तेज़ी दर्ज की गई है।
मुख्य आँकड़े
शनचन सीमा निरीक्षण जनरल स्टेशन के आँकड़ों के अनुसार, 4 अगस्त तक विदेशी नागरिकों ने शनचन पोर्ट से 50 लाख से अधिक बार प्रवेश और निकास किया। यह उपलब्धि पिछले वर्ष की तुलना में 58 दिन पहले हासिल की गई, जो यात्री यातायात में असाधारण वृद्धि को दर्शाती है।
9 अगस्त की शाम 6 बजे तक एपेक अर्थव्यवस्थाओं के विदेशी नागरिकों ने 35 लाख 1 हज़ार बार शनचन पोर्ट से आवाजाही की। यह कुल विदेशी यात्रियों का 67.3 प्रतिशत है और पिछले वर्ष की तुलना में 23.76 प्रतिशत अधिक है।
वीज़ा मुक्त नीति का असर
इस वर्ष चीन की वीज़ा मुक्त नीति का दायरा लगातार विस्तृत हुआ है, जिसका सीधा प्रभाव शनचन के पोर्टों पर दिख रहा है। आँकड़ों के अनुसार, विदेशी नागरिकों ने 12 लाख 69 हज़ार बार वीज़ा मुक्त सुविधा का लाभ उठाते हुए चीन में प्रवेश किया। चीन आने वाले सभी विदेशी यात्रियों में वीज़ा मुक्त यात्रियों का अनुपात 50.9 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 47.5 प्रतिशत अधिक है।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और व्यापार गतिविधि को महामारी के बाद के दौर में पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है। वीज़ा नीति में ढील ने स्पष्ट रूप से यात्रियों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है।
APEC सम्मेलन का संदर्भ
गौरतलब है कि एपेक नेताओं का 33वाँ अनौपचारिक सम्मेलन शनचन में आयोजित होने वाला है, जिसकी तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस उच्चस्तरीय आयोजन के मद्देनज़र शहर में राजनयिक, व्यापारिक और मीडिया प्रतिनिधियों की आमद बढ़ी है, जो यात्री संख्या में उछाल का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
शनचन, हाँगकाँग की सीमा से सटा चीन का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र है, जो पहले से ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार रहा है। एपेक जैसे बड़े आयोजन इस शहर की वैश्विक प्रोफ़ाइल को और मज़बूत करते हैं।
आगे क्या
APEC सम्मेलन के निकट आते ही शनचन पोर्टों पर यात्री यातायात में और वृद्धि की संभावना है। चीन की विस्तारित वीज़ा मुक्त नीति और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का संयोजन आने वाले महीनों में भी इस रुझान को बनाए रखने का संकेत देता है।