पेइचिंग बंदरगाह पर यात्रियों की संख्या 80 लाख के पार, विदेशी आगमन में 33.6% की उछाल
सारांश
मुख्य बातें
पेइचिंग सीमा निरीक्षण केंद्र के आँकड़ों के अनुसार, 12 मई 2026 को सुबह 11:30 बजे तक इस वर्ष पेइचिंग बंदरगाह से आने-जाने वाले यात्रियों की कुल संख्या 80 लाख से अधिक हो गई — जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। उल्लेखनीय यह है कि यह आँकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग आधा महीना पहले ही इस स्तर पर पहुँच गया।
मुख्य घटनाक्रम
मई की शुरुआत से ही आव्रजन नीतियों में दी गई सहूलियतों और छुट्टियों के दौरान बढ़ी यात्रा माँग के कारण पेइचिंग बंदरगाह पर यात्रियों की आवाजाही लगातार ऊँची बनी हुई है। 11 मई तक बंदरगाह से आने-जाने वाले विदेशी यात्रियों की संख्या 25 लाख 50 हज़ार से अधिक हो गई, जो कुल यात्रियों का 32 प्रतिशत है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 33.6 प्रतिशत अधिक है।
वीजा-मुक्त नीति का असर
विदेशी यात्रियों में से 9 लाख 57 हज़ार लोग वीजा-मुक्त या अस्थायी प्रवेश अनुमति नीति के तहत चीन में दाखिल हुए, जो कुल विदेशी आगमन का 70.8 प्रतिशत है। चीन आने के प्रमुख कारणों में पर्यटन, व्यापारिक आदान-प्रदान और रिश्तेदारों व मित्रों से मुलाकात शामिल रहे।
वर्तमान में चीन के 50 देशों के साथ एकतरफा वीजा-मुक्त व्यवस्था लागू है, जबकि 29 देशों के साथ पूर्ण वीजा-मुक्त समझौते लागू हैं। इसके अलावा 55 देशों के नागरिकों के लिए 240 घंटे की वीजा-मुक्त पारगमन नीति भी प्रभावी है। इन नीतियों ने विदेशी यात्रियों के लिए चीन की यात्रा को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक बना दिया है।
चीनी नागरिकों की यात्रा
चीन की मुख्य भूमि के 49 लाख 20 हज़ार से अधिक नागरिकों ने पेइचिंग बंदरगाह के माध्यम से प्रवेश या निकास किया, जो कुल यात्रियों का 61.7 प्रतिशत है। दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और सिंगापुर चीनी यात्रियों के बीच सबसे लोकप्रिय गंतव्यों में शामिल रहे।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी अर्थव्यवस्था को पुनः गति देने के लिए पर्यटन और व्यापार को प्राथमिकता दे रहा है। गौरतलब है कि वीजा-मुक्त नीतियों के विस्तार ने न केवल विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया है, बल्कि व्यापारिक यात्राओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे बंदरगाह पर बुनियादी ढाँचे और आव्रजन सेवाओं पर दबाव बढ़ने की भी संभावना है।
क्या होगा आगे
आव्रजन प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वर्तमान रफ्तार बनी रही तो वर्ष के अंत तक पेइचिंग बंदरगाह का यात्री आँकड़ा नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। चीन की सरकार की वीजा-उदारीकरण नीतियाँ वैश्विक पर्यटन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं।