शहीद दिवस पर पीएम मोदी ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी, बलिदान की महत्ता पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- शहीद दिवस पर पीएम मोदी ने वीरों को नमन किया।
- बलिदान की गाथा आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
- अंग्रेजों द्वारा फांसी दी गई थी तीनों महान क्रांतिकारियों को।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'शहीद दिवस' के अवसर पर महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इन वीरों का बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगा।
सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज हम भारत माता के वीर सपूत भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धा के साथ नमन करते हैं। उनके बलिदान की गाथा हमेशा हमारे साथ रहेगी। अल्पायु में ही, इन्होंने अद्वितीय साहस और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया। औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, इन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने प्राणों से भी ऊपर रखा।"
उन्होंने आगे कहा, "न्याय, देशभक्ति और निर्भीक प्रतिरोध के उनके आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के हृदय में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।"
इस अवसर पर मोदी ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, "इतने वर्षों बाद भी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान की गाथा देश के हर बच्चे की जुबान पर है। ये वीर हमें देश के लिए दिन-रात मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं।"
उन्होंने कहा, "श्रीमद्भागवत गीता में भी कहा गया है कि 'नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः'। अर्थात्, ऐसा कोई शस्त्र उन्हें काट नहीं सकता और न ही अग्नि उन्हें जला सकती है। जो देश के लिए बलिदान देते हैं, उन्हें अमृत प्राप्त होता है। वे पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरणा के पुष्प बनकर अपनी सुगंध फैलाते रहते हैं। आज देश उन नायकों को नमन कर रहा है जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए योगदान दिया।"
हर वर्ष 23 मार्च को भारत के तीन महान क्रांतिकारियों के बलिदान को स्मरण करने के लिए 'शहीद दिवस' मनाया जाता है। इसी दिन, देश के तीन नायकों को अंग्रेजों ने फांसी पर लटकाया था।