कांग्रेस नेताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांग्रेस नेताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की

सारांश

कांग्रेस के नेताओं ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश उनके बलिदान के लिए सदा ऋणी रहेगा।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का महत्व।
देश उनके बलिदान के लिए हमेशा ऋणी रहेगा।
शहीद दिवस हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शहीद दिवस के अवसर पर सोमवार को कांग्रेस के नेताओं ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी, अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश हमेशा उनके प्रति ऋणी रहेगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "उन्हें ये फिक्र है हर दम नई तर्ज-ए-जफा क्या है, हमें ये शौक है देखें सितम की इंतिहा क्या है।"

उन्होंने आगे कहा, "मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शत्-शत् नमन। उनका अद्वितीय साहस, त्याग और समर्पण सदैव हमें प्रेरित करता रहेगा। कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शहीदों को नमन करते हुए लिखा, "महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जी के शहीद दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। देश के लिए बेखौफ लड़ते हुए उनका संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान हर भारतवासी के लिए प्रेरणा स्रोत है। भारत माता के वीर सपूतों को नमन। इंकलाब जिंदाबाद!"

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस अवसर पर लिखा, "अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर उन्हें सादर नमन।"

उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों ने भारत को असमानता, शोषण, गरीबी और अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया और देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। हम अपने महान शहीदों की विरासत की रक्षा करें, यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वहीं, गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस पर कोटि-कोटि नमन।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि युवा पीढ़ी को प्रेरित भी करता है। शहीदों का बलिदान हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहीद दिवस कब मनाया जाता है?
शहीद दिवस हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है।
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का महत्व क्या है?
इन तीनों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
कांग्रेस के नेताओं ने शहीदों को कैसे याद किया?
कांग्रेस के नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान की सराहना की।
क्या शहीद दिवस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम है?
नहीं, यह एक राष्ट्रीय पर्व है जो सभी भारतीयों के लिए महत्व रखता है।
इस दिन को मनाने का उद्देश्य क्या है?
इस दिन का उद्देश्य शहीदों के बलिदान को याद करना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस