केरल में राज्यपाल ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी
सारांश
Key Takeaways
- भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत को याद किया गया।
- राज्यपाल ने मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
- कई प्रमुख नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
- समारोह में राजभवन के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
- हर वर्ष 23 मार्च को शहीदी दिवस मनाया जाता है।
तिरुवनंतपुरम, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आज 'शहीदी दिवस' के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम लोक भवन में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने पुष्पांजलि अर्पित की और भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की याद में एक मिनट का मौन रखा। राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
हर वर्ष इस दिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का स्मरण किया जाता है।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सहित अनेक प्रमुख नेताओं ने इन महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने इन क्रांतिकारियों के साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम को याद किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे नायक रहे हैं जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इन वीरों के पराक्रम ने पूरी अंग्रेजी हुकूमत को भयभीत कर दिया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 'एक्स' पर लिखा कि अमर बलिदानी शहीद सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें भावपूर्ण स्मरण किया जाना चाहिए। देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान देने वाले इन वीर राष्ट्रभक्तों ने साहस, त्याग और देशप्रेम की अद्वितीय मिसाल पेश की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर कहा कि इंकलाब की ज्योति प्रज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का त्याग भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना हमें सदियों तक 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा देती रहेगी।