क्या सरकार स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड साझा करने को कह रही है?

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क्या सरकार स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड साझा करने को कह रही है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड साझा करने की योजना की खबर को गलत बताया है? इस खबर में एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों का विरोध भी शामिल था। जानें सरकार का असली इरादा क्या है और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा!

मुख्य बातें

सरकार की साइबर सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता उद्योग और सरकार के बीच संवाद सोर्स कोड के मुद्दे पर नए नियम नहीं हैं उद्योग की चिंताओं पर खुला मन से विचार सुरक्षा मानक पर चर्चा

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने एक अंतर्राष्ट्रीय समाचार संगठन द्वारा प्रकाशित उस रिपोर्ट को गलत कहा है, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार स्मार्टफोन निर्माताओं को अपने सोर्स कोड को सरकार के साथ साझा करने के लिए मजबूर करना चाहती है, और इसके लिए कई सॉफ्टवेयर संशोधन करने की योजना बना रही है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया था कि एप्पल और सैमसंग जैसी प्रमुख कंपनियाँ इसका विरोध कर रही हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन समाचार रिपोर्टों में न तो किसी स्मार्टफोन कंपनी का बयान शामिल है और न ही उन उद्योग संगठनों का, जो इन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "इन रिपोर्टों ने जानबूझकर उद्योग संगठन की बातों को नजरअंदाज किया है, जिससे स्पष्ट होता है कि जानकारी को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई है।"

सरकार ने कहा कि वह साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोबाइल सुरक्षा से संबंधित एक मजबूत और उपयुक्त नियम बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की जा रही है।

ये परामर्श सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मानकों पर उद्योग के साथ नियमित और निरंतर संवाद का हिस्सा हैं। मंत्रालय निरंतर ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे तेजी से बदलते डिजिटल माहौल में उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बनी रहे और उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे।

मंत्रालय ने बताया, "हम नियमित रूप से सुरक्षा नियमों, इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप और अनुकूलन मानकों, भारतीय भाषाओं के समर्थन, इंटरफेस की आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों पर चर्चा करते हैं। इन चर्चाओं के बाद उद्योग के साथ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बात होती है।"

मंत्रालय ने कहा कि वह उद्योग से जुड़े लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उनकी चिंताओं को सकारात्मक तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है, ताकि तकनीकी समस्याओं, नियमों के अनुपालन में आने वाली दिक्कतों और विश्व में अपनाए जा रहे अच्छे तरीकों को समझा जा सके।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उद्योग द्वारा उठाई गई सभी सही और आवश्यक चिंताओं पर खुले मन से विचार किया जाएगा, ताकि देश और उद्योग दोनों के हित सुरक्षित रहें।

इससे पहले, भारत के स्मार्टफोन निर्माण उद्योग ने भी सोर्स कोड साझा करने से संबंधित खबरों पर चिंता को कम करने की कोशिश की थी। उद्योग का कहना था कि यह मुद्दा काफी समय से चल रही बातचीत का हिस्सा है और इसका मतलब कोई नई या तुरंत लागू होने वाली नीति नहीं है।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच इस विषय पर कई वर्षों से चर्चा चल रही है और इसे अचानक नीति में बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकार का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और नागरिकों की निजी जानकारी की रक्षा करना है। हालांकि, उद्योग को भी अपनी चिंताओं को उठाने का मौका मिलना चाहिए, ताकि एक संतुलित नीति बनाई जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सरकार स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड साझा करने को कह रही है?
सरकार ने इस तरह की रिपोर्ट को गलत बताया है और कहा है कि वह केवल सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
एप्पल और सैमसंग ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
इन कंपनियों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है, लेकिन मंत्रालय ने किसी भी कंपनी का बयान नहीं लिया।
राष्ट्र प्रेस
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