23 जुलाई 2026
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गुजरात में मूसलाधार बारिश: डांग में 47 सड़कें बंद, नवसारी के दो बांध उफान पर, कई जिलों में रेड अलर्ट

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गुजरात में मूसलाधार बारिश: डांग में 47 सड़कें बंद, नवसारी के दो बांध उफान पर, कई जिलों में रेड अलर्ट

सारांश

दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश ने 23 जुलाई को कहर बरपाया — डांग में 47 सड़कें बंद, नवसारी के दो बांध उफान पर, तापी में 11 लोग बचाए गए और सूरत के सभी स्कूल बंद। IMD ने पंचमहल, दाहोद और महीसागर के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटे और भारी बताए हैं।

मुख्य बातें

डांग जिले में पंचायत सड़क एवं भवन विभाग की 47 सड़कें वाहनों के लिए बंद की गईं।
नवसारी के जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं; दर्जनों गांवों को बाढ़ का खतरा।
तापी जिले के धोडियावाड़ फलिया में बाढ़ में फंसे 11 लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित निकाला।
सूरत में सभी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 23 जुलाई को बंद रहे।
IMD ने पंचमहल, दाहोद, महीसागर सहित मध्य गुजरात के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया।
अगले 24 घंटों में दक्षिण और मध्य गुजरात में अत्यंत भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी।

दक्षिण गुजरात में 23 जुलाई 2026 को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। डांग, नवसारी, तापी और सूरत जिलों में सड़कें बंद, बांध उफान पर और स्कूल बंद रहे, जबकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंचमहल, दाहोद और महीसागर समेत मध्य गुजरात के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी ने प्रशासन की चिंताएँ और बढ़ा दी हैं।

मुख्य घटनाक्रम

डांग जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण पंचायत सड़क एवं भवन विभाग के अंतर्गत आने वाली 47 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

नवसारी जिले में लगातार बारिश और ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों से अतिरिक्त जल आने के कारण जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो होने लगे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण पूर्णा नदी और उसके किनारे बसे गांवों में जलस्तर और बढ़ सकता है।

प्रभावित गांव और इलाके

जूज बांध के ओवरफ्लो से वांसदा तालुका के जूज, खड़किया, नवानगर, वासिया तलाव, वांसदा, रानीफलिया, नानी वलजार, मोटी वलजार, सिंगाडा, रूपवेल, चापलधारा, राजपुर और प्रतापनगर; चिखली तालुका के डोंजा, हरंगम, चिखली, खुंध, वंकल तथा घेकटी; और गांदेवी तालुका के उंडाच, गोयडी-भाथला, खापरवाड़ और देसरा गांव प्रभावित हो सकते हैं।

केलिया बांध के ओवरफ्लो से वांसदा तालुका का केलिया, चिखली तालुका के काकड़वेल, मंडवाखड़क, वेलनपुर, गोधथल, कानभाई, स्यादा, मोगरवाड़ी, आमधारा, घेज, मलियाधर, सोलधारा, पिपलागन, धोलार, कालियारी और बलवाड़; खेरगाम तालुका का वड; तथा गांदेवी तालुका के गोयाडी भाथला, वाघारेच, खापरवाड़ा और देसरा गांवों पर खतरा मंडरा रहा है।

बचाव अभियान और स्कूल बंद

तापी जिले के डोलवन तालुका के धोडियावाड़ फलिया में बाढ़ में फंसे 11 लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह इस मानसून सीजन में दक्षिण गुजरात में हुए बड़े बचाव अभियानों में से एक है।

सूरत जिले में जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 23 जुलाई को नगर पालिका, नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया।

प्रशासन की अपील

नवसारी जिला प्रशासन ने लोगों से नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने, मौसम की स्थिति पर नज़र रखने और आवश्यकता पड़ने पर निकासी के निर्देशों का तुरंत पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करें।

मौसम विभाग की चेतावनी

IMD ने अगले 24 घंटों में दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। पंचमहल, दाहोद और महीसागर सहित मध्य गुजरात के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून पहले ही सामान्य से अधिक सक्रिय बना हुआ है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़कें बंद होती हैं, बचाव दल मैदान में उतरते हैं — और फिर पानी उतरते ही तैयारियों की बात फाइलों में दब जाती है। डांग जैसे आदिवासी और पहाड़ी जिलों में 47 सड़कों का एक साथ बंद होना केवल मौसम की मार नहीं, बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी का भी संकेत है। नवसारी में दो बांधों का एक साथ ओवरफ्लो और दर्जनों गांवों पर मंडराता खतरा यह सवाल उठाता है कि कैचमेंट क्षेत्र प्रबंधन और पूर्व-चेतावनी तंत्र कितने प्रभावी हैं। रेड अलर्ट जारी करना ज़रूरी है, लेकिन असली कसौटी यह है कि अगले 24 घंटों में प्रशासन की प्रतिक्रिया कितनी तेज़ और समन्वित रहती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में भारी बारिश से कौन-कौन से जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
23 जुलाई 2026 को दक्षिण गुजरात के डांग, नवसारी, तापी और सूरत जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे। मध्य गुजरात के पंचमहल, दाहोद और महीसागर के लिए IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है।
नवसारी में कौन से बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं और किन गांवों को खतरा है?
नवसारी जिले में जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं। इनसे वांसदा, चिखली और गांदेवी तालुका के कुल तीन दर्जन से अधिक गांवों में पूर्णा नदी के किनारे जलस्तर बढ़ने का खतरा है।
तापी जिले में बचाव अभियान में क्या हुआ?
तापी जिले के डोलवन तालुका के धोडियावाड़ फलिया में बाढ़ में फंसे 11 लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह 23 जुलाई को चलाए गए प्रमुख बचाव अभियानों में से एक रहा।
सूरत में स्कूल बंद क्यों किए गए?
भारी बारिश के कारण सूरत जिला प्रशासन के निर्देश पर 23 जुलाई को नगर पालिका, नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
IMD ने गुजरात के लिए आगे क्या चेतावनी दी है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 घंटों में दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। पंचमहल, दाहोद और महीसागर सहित कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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