27 जुलाई 2026
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गुजरात बाढ़: धोलेरा का वनितलाव गांव पानी से घिरा, NDRF-पुलिस का संयुक्त बचाव अभियान जारी

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गुजरात बाढ़: धोलेरा का वनितलाव गांव पानी से घिरा, NDRF-पुलिस का संयुक्त बचाव अभियान जारी

सारांश

गुजरात के धोलेरा तालुका का वनितलाव गांव भोगावो नदी के उफान से टापू बन गया है। सभी संपर्क मार्ग जलमग्न हैं और NDRF, पुलिस व जिला प्रशासन संयुक्त बचाव अभियान में जुटे हैं। आनंदपुर और बुरानपुर के मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं।

मुख्य बातें

अहमदाबाद जिले के धोलेरा तालुका का वनितलाव गांव 27 जुलाई को बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गया।
भोगावो नदी के जलस्तर में तेज़ वृद्धि से गांव के सभी संपर्क मार्ग बंद, गांव टापू जैसा दिखने लगा।
NDRF , अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन का संयुक्त बचाव अभियान जारी।
आनंदपुर और बुरानपुर गांवों के मार्ग भी एहतियातन बंद, निगरानी बढ़ाई गई।
पुलिस ने नागरिकों से बंद रास्तों का उपयोग न करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।

गुजरात के अहमदाबाद जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते धोलेरा तालुका का वनितलाव गांव 27 जुलाई को चारों ओर से बाढ़ के पानी में घिर गया, जिससे गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है। भोगावो नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण गांव एक टापू का रूप ले चुका है और जिला प्रशासन, पुलिस तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की संयुक्त टीमें फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

मुख्य घटनाक्रम

भोगावो नदी में अचानक आई बाढ़ ने वनितलाव गांव को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्ग जलमग्न कर दिए। प्रशासन के अनुसार, गांव तक पहुंचने का कोई भी सुरक्षित रास्ता फिलहाल उपलब्ध नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों और जवानों को तत्काल मौके पर तैनात किया।

एहतियात के तौर पर आनंदपुर और बुरानपुर गांवों की ओर जाने वाले मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं। इन रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और लगातार गश्त की जा रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी व्यक्ति को जलभराव वाले या बंद मार्गों से गुज़रने की अनुमति न दी जाए।

बचाव अभियान की स्थिति

पुलिस, जिला प्रशासन और NDRF की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। बचाव दल का प्राथमिक उद्देश्य गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। पूरे अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के कई जिलों में मानसून की बारिश सामान्य से अधिक दर्ज की जा रही है और राज्य में बाढ़ प्रबंधन तंत्र पर दबाव बढ़ा हुआ है।

प्रशासन की अपील

अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बंद किए गए रास्तों का उपयोग न करें और नदियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि नागरिक केवल सरकारी सूचनाओं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों पर भरोसा करें तथा अफवाहों से दूर रहें।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, भोगावो नदी के जलस्तर पर लगातार नज़र रखी जा रही है। जब तक नदी का पानी कम नहीं होता, बचाव अभियान जारी रहेगा। गौरतलब है कि धोलेरा तालुका का यह इलाका हर साल मानसून में बाढ़ की चपेट में आता है, लेकिन इस बार संपर्क मार्गों का पूरी तरह टूटना स्थिति को अधिक गंभीर बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तात्कालिक बचाव अभियान दीर्घकालिक नीति का विकल्प नहीं हो सकता। अहमदाबाद जिले में जिस तेज़ी से शहरीकरण हो रहा है, उसके मद्देनज़र बाढ़-प्रवण गांवों की मैपिंग और पूर्व-चेतावनी प्रणाली को प्राथमिकता देना अब वैकल्पिक नहीं, अनिवार्य है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वनितलाव गांव का संपर्क क्यों टूटा?
भोगावो नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से गांव को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए, जिससे गांव चारों ओर से पानी से घिर गया और बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया।
वनितलाव में बचाव कार्य कौन चला रहा है?
NDRF, अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। इनका उद्देश्य गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
आनंदपुर और बुरानपुर के रास्ते क्यों बंद किए गए?
भोगावो नदी में पानी बढ़ने के कारण इन गांवों की ओर जाने वाले मार्ग भी जोखिम में आ गए। किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ये रास्ते बंद कर दिए और निगरानी बढ़ा दी।
प्रशासन ने नागरिकों को क्या निर्देश दिए हैं?
अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने नागरिकों से बंद मार्गों का उपयोग न करने, नदियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने और केवल सरकारी निर्देशों पर भरोसा करने की अपील की है। अफवाहों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है।
क्या धोलेरा तालुका में हर साल बाढ़ आती है?
धोलेरा तालुका का यह इलाका मानसून के दौरान बाढ़-प्रवण माना जाता है। इस बार भोगावो नदी के उफान से संपर्क मार्गों का पूरी तरह टूटना स्थिति को सामान्य वर्षों की तुलना में अधिक गंभीर बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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