होर्मुज के पास अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, ट्रंप बोले — दोनों पायलट सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 9 जून को पुष्टि की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक अमेरिकी अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, और दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है। जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रशासन इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना: क्या हुआ
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना का एक अपाचे गनशिप हेलीकॉप्टर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गिर गया। दुर्घटना के तत्काल बाद दोनों पायलटों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। हेलीकॉप्टर के गिरने के पीछे की वजह अभी तक अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं की है।
ट्रंप ने कहा, 'पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन जारी करेगा, लेकिन फिलहाल मैं इतना कह सकता हूँ कि दोनों पायलट ठीक हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है।
इज़रायल-ईरान तनाव में अस्थायी विराम
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इज़रायल और ईरान फिलहाल तनाव घटाने पर सहमत हो गए हैं और अगले एक सप्ताह तक एक-दूसरे के विरुद्ध कोई नई सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे। यह बयान उन्होंने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत के बाद दिया।
ट्रंप ने कहा, 'नेतन्याहू के साथ बेहद सकारात्मक चर्चा हुई। हालिया घटनाक्रम में इज़रायल पर हमला हुआ था, जिसके जवाब में उसने भी कार्रवाई की। दोनों पक्ष अब फिलहाल संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और कुछ समय के लिए एक-दूसरे को छोड़ देने पर सहमत हुए हैं।'
अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता अंतिम चरण में
ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता अंतिम चरण में पहुँच चुका है। उनके अनुसार यह समझौता ईरान को किसी भी रूप में परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन दिनों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का दबाव लगातार बढ़ता रहा है। ट्रंप ने कहा कि बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के कारण तेहरान की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, जो उसे वार्ता की मेज पर लाने में सहायक रही।
होर्मुज जलमार्ग और आर्थिक दबाव की रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज — जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है — पूरी तरह खुल जाएगा। उन्होंने सैन्य हमलों की तुलना में आर्थिक नाकेबंदी को अधिक प्रभावी बताया।
ट्रंप ने स्पष्ट किया, 'अगर अमेरिका चाहे तो बड़े पैमाने पर बमबारी कर सकता है, लेकिन इससे भारी जान-माल का नुकसान होगा और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी।' यह बयान अमेरिकी विदेश नीति में कूटनीतिक और आर्थिक दबाव को प्राथमिकता देने की दिशा को रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
अमेरिकी प्रशासन हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करने की तैयारी में है। वहीं, परमाणु समझौते के संभावित हस्ताक्षर और इज़रायल-ईरान के बीच अस्थायी संघर्ष-विराम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें टिकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलमार्ग के खुलने से वैश्विक तेल बाज़ार पर सीधा असर पड़ सकता है।